पीएम किसान सम्मान निधि योजना में आवेदन के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता किसानों और प्रशासन सहित कृषि विभाग के लिए जी का जंजाल बन गई है। मंडल में 49783 किसान ऐसे हैं, जो आधार कार्ड/आवेदन फार्म में गड़बड़ी के चलते प्रधानमंत्री किसान निधि पाने से वंचित हैं। वहीं, 33703 ऐसे किसान हैं, जिनकी सम्मान निधि आवेदन के सत्यापन स्तर से लटकी हुई है। इसको लेकर मंडलायुक्त गौरव दयाल ने 12 फरवरी तक की स्थिति की एक रिपोर्ट तैयार की है। उक्त रिपोर्ट को अलीगढ़, हाथरस, एटा, कासगंज के डीएम को भेजते हुए निर्देश दिए हैं कि लंबित डाटा का एक सप्ताह के भीतर निस्तारण करते हुए किसानों के खाते में सम्मान निधि की किस्त जारी की जाएं।
मंडलायुक्त की ओर से मंडल के चारों जिलाधिकारियों को भेजी गई रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि यह डाटा कृषि निदेशालय की ओर से भेजा गया है। इसमें मंडल में लंबित डाटा को लेकर किसानों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। मंडलायुक्त गौरव दयाल के मुताबिक सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह एक सप्ताह के भीतर इसका निस्तारण कराएं। कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ नियमित तौर पर इसकी समीक्षा की जाए।
किसानों के योजना से वंचित रहनेे के पीछे का कारण समझें
उप कृषि निदेशक अनिल कुमार ने बताया कि आधार कार्ड इनवैलिड का मतलब है कि उक्त किसानों केे आधार कार्ड की संख्या व नाम का मिलान नहीं हो रहा। वहीं, नाम मिसमैच के चक्कर में जिनको सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल रहा है। उनके आवेदन पत्र व मूल आधार कार्ड में किसान के नाम या उसके शब्दों में अंतर है। उप कृषि निदेशक स्तर पर जो भी आवेदन लंबित हैं, उनमें किसानों ने जन सेवा केंद्र से आवेदन तो कर दिया। मगर, विभाग में अभी तक दस्तावेज जमा नहीं किए हैं। वहीं, तहसील/राजस्व विभाग के स्तर पर जितने भी आवेदन लंबित हैं, उनमें किसान के बैनामे, खेती की जमीन की जांच होना बाकी है। अलीगढ़ जिले में जो भी किसान योजना से वंचित हैं, उनको जल्द से जल्द लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है।
किसान सम्मान निधि योजना में भूमि बाध्यता खत्म
किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक सिर्फ दो हेक्टेयर तक कृषि भूमि के स्वामी किसानों को छह हजार रुपये की सालाना राशि का लाभ मिलता था। अब यह लाभ छोटे-बड़े सभी किसानों को मिलेगा। सरकार ने भूमि बाध्यता को खत्म कर दिया है। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने नए शासनादेश को लेकर आदेश भी जारी कर दिया है। उप कृषि निदेशक अनिल कुमार को निर्देश दिए हैं कि वह सभी किसानों का पंजीकरण कराते हुए उनको योजना का लाभ दें। अलीगढ़ जिले में करीब 70 हजार बड़े किसानों को अब नए शासनादेश से राहत मिल गई है। हालांकि जिन किसानों ने जून 2018 से पहले खेत का बैनामा कराया है सिर्फ उनको ही इस योजना में शामिल किया जा रहा है।
रिपोर्ट पर एक नजर
जिला इनवैलिड आधार कार्ड नाम त्रुटि वाले आधार कार्ड डीडी कृषि के यहां लंबित आवेदन तहसीलों में लंबित
अलीगढ़ 8176 6487 4634 7029
हाथरस 6766 1807 2509 206
एटा 13448 2600 9286 6262
कासगंज 8867 1632 3243 534
योग 37257 12526 19672 14031