बन्नादेवी क्षेत्र स्थित ट्यूबल कॉलोनी में बेटी की मौत के बाद विलाप करती मां।
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महानगर के बन्नादेवी थाना क्षेत्र की नलकूप कालोनी में शनिवार दोपहर नौ साल की एक बच्ची ने खूंटी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वह इस बात से नाराज थी कि जरूरी काम से बाहर गए माता-पिता जिद करने पर भी उसे साथ लेकर नहीं गए थे। मोहल्ले के लोगों ने दरवाजा तोड़कर शव बाहर निकाला। बेटी के इस कदम के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
संविदा पर नौकरी करने वाले बच्ची के पिता सुभाष चंद्र ने बताया कि वह नलकूल कालोनी में एक सिंचाई अधिकारी की कोठी के पिछले हिस्से के सर्वेंट क्वार्टर में परिवार के साथ रहते हैं। घर में पत्नी ज्योति, बड़ा बेटा ललित (12), छोटा बेटा कान्हा (5) के अलावा बेटी जाह्नवी उर्फ बेबो (9) थी। तीनों बच्चे आईटीआई रोड के एक निजी स्कूल में पढ़ते हैं। जाह्नवी तीसरी कक्षा में थी। शुक्रवार को छोटे बेटे कान्हा को उसकी बुआ बुलाकर ले गई थी। शनिवार दोपहर सुभाष व ज्योति अपने लिए मकान देखने मैलरोज बाईपास जा रहे थे। इस दौरान बेबो ने भी साथ चलने की जिद की। इस पर सुभाष व ज्योति उसे यह कहकर चले गए कि घर में ही टीवी देखो। हम अभी लौटकर आते हैं।
मां-बाप के जाने के बाद ललित भी अन्य बच्चों के साथ घर के सामने खेलने लगा। इसी बीच गुस्से में बेबो ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। कुछ देर बाद करीब डेढ़ बजे जब ललित ने दरवाजा खोलने का प्रयास किया तो नहीं खुला। इस पर उसने खिड़की से झांका तो बेबो फंदे पर लटकी दिखी। इस पर उसने शोर मचाया तो मोहल्ले वालों ने दरवाजा तोड़ा। इसी बीच सुभाष व ज्योति भी लौट आए। खबर मिलने पर पुलिस आ गई। सुभाष ने बताया कि बच्ची इस कदर नाराज हो जाएगी, इस बात का अंदाजा न था। वरना वे उसे साथ लेकर ही जाते। एसएसआई बन्नादेवी नरेंद्र कुमार के अनुसार शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिवार की ओर से लिखित में कोई शिकायत नहीं दी गई है।