गोरई में भी गरीबी के चलते तय किया विवाह
गोरई क्षेत्र के एक गांव में पिता के न रहने पर मां ने छोटी बेटी का विवाह बड़ी बेटी के देवर से तय कर दिया था। सूचना मिलने पर टीम ने विवाह रुकवा दिया। मां ने गरीबी और बेटी के भविष्य की चिंता को इसकी वजह बताया। उनका कहना था कि वह भी बेटी को पढ़ाना चाहती थीं, लेकिन परिस्थितियों के कारण शादी तय की।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्र, दोनों जगह चुनौती
चाइल्ड हेल्पलाइन के जिला प्रभारी गौरव चंदेल के मुताबिक, दादों में शिक्षा की कमी और गरीबी बाल विवाह की प्रमुख वजह हैं। खैर क्षेत्र में कम उम्र के प्रेम संबंधों से जुड़े मामले सामने आ रहे हैं, जबकि जवां में भी गरीबी और अशिक्षा बड़ी समस्या है। शहरी क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है। शहर के बीमा नगर, सासनी गेट और आईटीआई रोड क्षेत्र में भी बाल विवाह रुकवाए गए हैं।
गांव-शहर में कारण अलग-अलग : एएमयू विशेषज्ञ
एएमयू के मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. शाह आलम का कहना है कि हर साल बाल विवाह बढ़ने के लिए कोई एक कारण नहीं है। अगर ग्रामीण क्षेत्रों में जाएंगे तो वहां गरीबी, अशिक्षा और पारिवारिक मजबूरियां माता-पिता को कम उम्र में बेटियों की शादी करने के लिए प्रेरित कर रही हैं। प्रेम संबंधों को लेकर आज भी परिवारों को घर से भाग जाने का डर रहता है। यह भी एक बड़ी वजह हो सकता है। अगर अलीगढ़ शहर क्षेत्र की स्थिति देखें तो यहां सोशल मीडिया का प्रभाव खूब देखने को मिल रहा है।