पंडित दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय में तैयार कोविड वार्ड।
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कबाड़खाना बन चुके पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय के तीन वार्ड 6 दिन में 100 बेड के एल-1 हॉस्पिटल में तब्दील हो गए। आज से इस हॉस्पिटल में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों को भर्ती किया जाएगा।
कोल विधान सभा क्षेत्र के विधायक अनिल पाराशर ने 10 जुलाई को पीडब्लूडी विभाग के प्रमुख सचिव एवं जिले के नोडल अधिकारी नितिन रमेश गोकर्ण से आग्रह किया था कि वह पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में वर्षों से खाली पड़े भवन को एक बार देखें। उसमें इतनी जगह है कि कोविड-19 के लिए अलग से एक हॉस्पिटल बन सकता है। प्रमुख सचिव ने 11 जुलाई को दीनदयाल चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान खाली भवन को देखने की इच्छा व्यक्त की। लेकिन अधिकारियों के पास इस भवन की जानकारी तक नहीं थी। बाद में 36-36 बेड के तीन वार्ड को अधिकारियों ने ढूंढ लिया। वार्ड में करोड़ों रुपये के बेड, अलमारी से लेकर अन्य फर्नीचर पड़े थे। वार्ड की हालत कबाड़खाने जैसी थी।
अमर उजाला ने 12 जुलाई के अंक में ‘कबाड़खाना बन चुके तीन वार्ड है कहां, अफसर को नहीं पता’ शीर्षक से इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने छह दिन में तीन वार्डों को 100 बेड के एल 1 हॉस्पिटल में तब्दील कर दिया। सीएमओ डॉ. बीपी सिंह कल्याणी एवं सीएमएस डॉ. एबी सिंह ने बताया कि 100 बेड का एल-1 हॉस्पिटल तैयार हो गया है। आज से मरीजों की भर्ती भी होने जा रही है। खास बात यह है कि हॉस्पिटल में वही बेड लगाए गए हैं जो छह दिन पहले तक कबाड़ की तरह पड़े थे।