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सोशल मीडिया पर भी मैनेजमेंट, अकराबाद कांड नहीं हुआ ट्रेंड

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अभिषेक शर्मा
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पुरानी घटनाओं से सबक लेकर अकराबाद कांड में जिला पुलिस की सोशल मीडिया सेल ने जो मैनेजमेंट दिखाया है, उसी का यह परिणाम है कि घटना सोशल मीडिया पर ज्यादा ट्रेंड नहीं हुई। रविवार शाम से लेकर अब तक करीब 130 ट्वीट विभिन्न ट्विटर एकाउंट से किए गए, जिनमें मात्र पांच वेरिफाइड एकाउंट हैं। सभी को सोशल मीडिया सेल ने पल-पल की पुलिस कार्रवाई से रि-ट्वीट कर अपडेट किया।
टप्पलकांड बना था प्रदेश पुलिस के लिए नजीर
अलीगढ़ के टप्पल में वर्ष 2019 में बच्ची की हत्या कर शव कूड़े के ढेर पर फेंका गया था। यह घटना देश दुनिया में पहचान रखने वाले नामचीन लोगों के वेरिफाइड ट्विटर एकाउंटों से वायरल हुई और आलम यह रहा कि अलीगढ़ पुलिस की सोशल मीडिया टीम लगातार एक सप्ताह तक इस घटना में रि-ट्वीट करती रही। ट्वीट व रि-ट्वीट संख्या कई हजार पहुंची थी। चूंकि बाद में घटना में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई थी। इसलिए इस पर तत्कालीन एसएसपी आकाश कुलहरि ने रिसर्च पेपर तैयार किए और उन्हें लखनऊ में आयोजित ऑल इंडिया पुलिस कांग्रेस में प्रस्तुत किया। इस रिसर्च में बताया गया कि किस तरह हम सोशल मीडिया पर निगरानी रखें। कैसे गलत सूचना को वायरल होने से बचाएं और कैसे लोगों को संतुष्ट करें। कैसे हैशटैग के रूप में वायरल होने वाली सूचनाओं के प्रति नाराजगी व्यक्त करने वाले सोशल मीडिया एकाउंट धारकों को संतुष्ट करें। कैसे एक साथ एक लाख सोशल मीडिया एकाउंटों की हम निगरानी कर सकते हैं। इस रिसर्च पेपर और टप्पल कांड को प्रदेश भर के लिए नजीर बनाया गया और डीजीपी स्तर से एसएसपी व सोशल मीडिया टीम अलीगढ़ को सम्मानित किया गया।
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इस घटना में हो रहे अब तक ये प्रयास
अकराबाद में हुई घटना के बाद सोशल मीडिया सेल की टीम रविवार से मोर्चा संभाले है। सबसे पहले वे पुलिस अधिकारियों व पुलिस टीमों के स्तर से की जा रही पल-पल की कार्रवाई का अपडेट अलीगढ़ पुलिस व यूपी पुलिस के वेरिफाइड एकाउंट से दे रहे हैं। साथ में एसएसपी के बयान संबंधी वीडियो भी लगातार पोस्ट की जा रही हैं। साथ में जो भी ट्वीट आ रहे हैं, उनका तत्काल रि-ट्वीट कर जवाब दिया जा रहा है।
वेरिफाइड एकाउंटों से ज्यादा वायरल होता विषय
सोशल मीडिया सेल के स्थानीय प्रभारी समरपाल सिंह बताते हैं कि सोशल मीडिया पर दो तरह के एकाउंट होते हैं, जिनमें एक वेरिफाइड और एक सामान्य एकाउंट होते हैं। वेरिफाइड एकाउंट बनाने की एक प्रक्रिया है। ये ज्यादातर प्रमुख लोगों, हस्तियों या कंपनी/संस्थान द्वारा अधिकृत लोगों के होते हैं। इन एकाउंटों से अगर कोई घटना ट्रेंड होना शुरू होती है तो वह बहुत तेजी से देश दुनिया में वायरल होती है। सामान्य एकाउंटों से घटना के वायरल होने की गति बहुत धीमी होती है। इस घटना में अब तक चार या पांच वेरिफाइड एकाउंटों से ही प्रतिक्रिया हुई, जिन्हें जवाब संतुष्ट किया गया है।
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- हमारी सोशल मीडिया टीम बहुत मजबूती से काम कर रही है। वेरिफाइड एकाउंटों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उनकी प्रतिक्रिया पर उन्हें जवाब देकर तत्काल संतुष्ट किया जा रहा है। कोई भी भ्रामक पोस्ट कर रहा है तो उसे भी तत्काल जवाब दिया जा रहा है। - मुनिराज जी, एसएसपी
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