बुरांश का पेड़ और आसमान में उड़ते पक्षी
- फोटो : अजीत पोरवाल
लॉक डाउन के चलते सभी प्रकार की सामाजिक, आर्थिक व अन्य गतिविधियां बंद पड़ी हुई हैं और लोगों को कई प्रकार की असुविधाएं हो रही हैं। लेकिन इन सबके बीच एक राहत भरी बात यह है, जिस माहौल में हम सांस ले रहे हैं, उस हवा की सेहत सुधर गई है। साथ ही आसमान का रंग भी और ज्यादा नीला और साफ हो गया है।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जियोग्राफी डिपार्टमेंट के चेयरमैन प्रो. अतीक अहमद ने लॉक डाउन के एक दूसरे ही पहलू को उजागर किया है। उन्होंने अपने अध्ययन में पाया है कि सभी तरह की व्यवसायिक गतिविधि, औद्योगिक गतिविधियां, निर्माण, खुदाई आदि बंद होने से शहर की हवा की सेहत में बहुत सुधार हुआ है।
साथ ही बसें भी नहीं चल रही हैं। सड़कों पर ऑटोमोबाइल भी बंद है। इससे वातावरण में डस्ट पार्टिकल न के बराबर हैं और कार्बन मोनोऑक्साइड का उत्सर्जन भी सामान्य से बहुत अधिक नीचे आ गया है। इस तरह की हवा मनुष्यों के लिए बेहद लाभदायक है। इसके अलावा रुक-रुक कर हुई बारिश ने भी डस्ट पार्टिकल और कार्बन पार्टिकल को आसमान से जमीन पर नीचे बैठाने का काम किया।