रिटर्न दाखिल करने से पूर्व करदाता आयकर पोर्टल पर उपलब्ध वार्षिक सूचना विवरण (एआईएस) एवं टैक्स पेयर इंफॉर्मेशन समरी (टीआईएस) में प्रदर्शित जानकारी का अपनी आय एवं लेन-देन से मिलान अवश्य कर लें। इससे रिटर्न में गलती की संभावना कम होगी। जिससे नोटिस आने की आशंका नहीं होगी।
मोबाइल नंबर लिंक नहीं तो यह उपाय अपनाएं
अगर किसी करदाता के आधार से मोबाइल नंबर लिंक नहीं है या मोबाइल नंबर उपलब्ध नहीं है तो वह रिटर्न दाखिल करने के बाद आईटीआर-वी की हस्ताक्षरित भौतिक प्रति सीपीसी, बेंगलुरु भेजकर अपने रिटर्न का सत्यापन कर सकता है।
विदेश की संपत्ति की घोषणा अनिवार्य
जिन करदाताओं के पास विदेश में बैंक खाता, अचल संपत्ति, निवेश या अन्य विदेशी परिसंपत्तियां हैं, उन्हें रिटर्न में इनका विवरण निर्धारित अनुसूची में घोषित करना होगा।
इस वर्ष लागू नई कर व्यवस्था में अधिकांश करदाताओं को कर बचत का लाभ मिलने की संभावना है। कुछ विशेष परिस्थितियों में पुरानी कर व्यवस्था लाभदायक हो सकती है। इसलिए रिटर्न दाखिल करने से पहले दोनों व्यवस्थाओं की तुलना कर उचित विकल्प का चयन करें।
आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई
सामान्य आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। जिनकी आय में व्यवसाय या पेशे से आय शामिल है तथा जिनके खातों का ऑडिट आवश्यक नहीं है, उनके लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त है। जिन करदाताओं के खातों का किसी भी अधिनियम के अंतर्गत ऑडिट अनिवार्य है, उनके लिए टैक्स ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर तथा रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अक्तूबर है।
क्या करेगा एआई
- सूचनाओं का मिलान बैंक, म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार और प्राॅपर्टी रजिस्टर से करेगा
- धारा-80 सी और धारा 80-डी के तहत छूट लेने के आवेदनों की जांच भी की जाएगी