आगरा रोड़ हाईवे पुल के नीचे हो रहे गड्ढो में होकर गुजरते वाहन।
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आगरा रोड पर बाईपास फ्लाईओवर के नीचे एचएन-93 (आगरा-मुरादाबाद) पर सड़क पर हो रहे गड्ढों को मिट्टी से भरने की पोल दो सप्ताह में ही खुल गई। यहां फिर से गड्ढे हो गए हैं। मिट्टी के टीले भी लग गए हैं। इससे यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। क्षेत्रीय विधायक अनिल पाराशर ने मामले को अधिकारियों के संज्ञान में लाते हुए गड्ढों को दुरुस्त कराने को कहा।
अलीगढ़ से दिल्ली या कानपुर जाने के लिए एनएच-91 से जोड़ने वाला यह फ्लाईओवर प्रमुख मार्ग है। फ्लाईओवर के चलते लोगों को शहर के जाम में नहीं घुसना पड़ता है। बाईपास मार्ग से होते हुए एनएच पर पहुंच जाते हैं। तमाम वीवीआईपी और वीआईपी दिल्ली, कानपुर या लखनऊ से इसी मार्ग से आते हैं। इसके बाद भी इसकी बदहाली की दशा किसी से छुपी नहीं है। बाईपास पर चढ़ने वाले वाहन इन गड्ढों में फंस जाते हैं। स्थानीय लोग यहां वाहन निकलवाने के लिए खड़े रहते हैं।
वाहन निकलवाने की एवज में वह चालकों से पैसा वसूलते हैं। इस बात को तत्कालीन मंडलायुक्त अजयदीप सिंह के सामने विधायक अनिल पाराशर ने रखा था। उस वक्त एनएचएआई ने यहां जलभराव की समस्या के कारण सड़क में गड्ढे होने की बात कही थी। साथ ही इसके निस्तारण के लिए नाला निर्माण का प्रस्ताव रखा था। मगर, बाद में यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया। बीते सात फरवरी को आगरा रोड स्थित कैलाश फार्म में वैश्य समाज का महासम्मेलन हुआ। उसमें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला आए तो जिम्मेदारों ने खानापूर्ति करते हुए गड्ढों में मिट्टी डालकर हुए उनको भर दिया। अब गड्ढों ने फिर से अपना मुंह खोल दिया है।
तत्कालीन मंडलायुक्त अजयदीप सिंह के समय से यह समस्या उठाई जा रही है। इसके बाद भी निस्तारण नहीं हो रहा है। कई बार इस समस्या को लेकर विभागों ने गुमराह भी किया। यह गड्ढे किसी भी दिन बड़े हादसे का सबब बन सकते हैं। जब हादसा होता है तो तमाम बातें होती हैं। अगर, पहले ही इसका निस्तारण नहीं किया गया तो अब शिकायत सीधे सीएम से करते हुए जिम्मेदारों पर कार्रवाई कराई जाएगी। - अनिल पाराशर, कोल विधायक