जिस नर्सिंग होम में महिला की मौत हुई उसका पंजीकरण नहीं था। सुबह जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम एसीएमओ डॉ. दिनेश खत्री की अगुवाई में पहुंची। टीम ने जांच में पाया कि नर्सिंग होम बिना पंजीकरण आईसीयू सहित चल रहा था। उसे सील कर दिया गया है। डॉ. खत्री के अनुसार पूर्व में भी इस नर्सिंग होम को पंजीकरण कराने के लिए नोटिस दिया गया था।
युवक के आत्महत्या करने की होती रही चर्चा
अर्जुन की मौत के बाद इस बात की चर्चा हुई कि पत्नी की मृत्यु के बाद दुखी होकर उन्होंने बस के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। वह चिकित्सक द्वारा रुपये मांगने से भी आहत थे। एसएचओ क्वार्सी शिशुपाल शर्मा ने बताया कि इस तरह का शोर मचा था। बाद में परिजनों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि सड़क पार करते समय वह बस की चपेट में आ गए। चालक बस लेकर फरार हो गया।
पिता की हो चुकी है मौत, दो बच्चे अब दादी के सहारे
दंपती की मौत के बाद दोनों शवों का गांव में एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। अर्जुन सिंह अपने पिता का इकलौता बेटा था। पिता जसवीर सिंह की तीन साल पहले मृत्यु हो चुकी है। अर्जुन और रेखा के छह वर्षीय बेटी सानवी और ढाई वर्ष का बेटा रिसू हैं। जो दादी विजयकांता देवी के पास बिलखते रहे थे। अर्जुन की दो बहनें कविता और शिखा हैं जिनकी शादी हो चुकी है। इस तरह अब बच्चे दादी के सहारे रह गए। जिन्हें परिजन संभाल नहीं पा रहे थे।