खुर्रमपुर ग्राम पंचायत के मजरा नगला मेवाती में हुए बवाल के बाद जांच करती पुलिस।
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नगला मेवाती में एक नवयुवक की मौत के साथ कई लोगों के घायल होने से दोनों पक्षों के लोग गमगीन थे। गांव में सन्नाटा पसरा हुआ था। अधिकतर लोग घरों के अंदर दुबके हुए थे। कुछ लोग घायलों के साथ अलीगढ़ जबकि कुछ विवाद से बचने के लिए गांव छोड़ गए थे। ग्राम प्रधान समेत गिने-चुने लोग ही पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों को घटना की जानकारी देने के लिए नजर आ रहे थे।
खुर्रमपुर ग्राम पंचायत के मजरा नगला मेवाती में बवाल और 18 साल के नौजवान की मौत से गांव मेें मातम का माहौल है। हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि यह घटना पुलिस-प्रशासन की बड़ी लापरवाही का नतीजा है।
खेत मालिक शर्मा परिवार काफी समय से अधिकारियों के सामने अपनी समस्या लेकर जाता रहा। समाधान दिवस पर थाने और तहसील दिवस में अफसरों के पास गया पर कोई समाधान न निकल सका। मामला अदालत में विचाराधीन होने के कारण अफसर इसमें हाथ डालने से बचते रहे। उनका कहना था कि अदालत के आदेश के बाद ही कोई कार्रवाई की जा सकेगी।
दरअसल खेत मालिक पोखपाल शर्मा के तीनों बेटों के हिस्सों में जो जमीन है, उसी जमीन से लगी हुई मस्जिद बनी है। इस मस्जिद के बगल में ही यहां रुकने वाले लोगों के लिए शौचालय का निर्माण करा दिया गया था।
खेत मालिक ने शौचालय बनवाने वालों से ही इसे हटवाने के लिए कहा, लेकिन वह तैयार नहीं हुए। पहले भी तनाव की स्थिति बनी थी। इस पर थाना पुलिस ने दोनों पक्षों को शांतिभंग में पाबंद कर दिया था।
तीन माह पहले समझौता भी हुआ था
बवाल के बाद गांव में चर्चा थी कि तीन माह पहले खेत मालिक और नगला मेवाती के लोगों के बीच करीब तीन माह पहले समझौता भी हुआ था। इस समझौते में कहा गया था कि खेत मालिक ग्राम पंचायत की कुछ जमीन को जोत रहे हैं, इसलिए शौचालय को बना रहने दिया जाए। चर्चा है कि उस समय दोनों पक्ष इस बात पर खामोश हो गए थे, लेकिन शनिवार को अचानक बड़ा बवाल हो गया। पुलिस के पहुंचने तक दोनों पक्षों के बीच मारपीट जारी थी। स्कार्पियो गाड़ी आग की लपटों में घिर चुकी थी।