मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दो दिवसीय दौरे के बाद रविवार को एटा रवानगी के साथ ही अफसरों ने राहत की सांस ली है, जबकि शहर की सड़कों, स्वास्थ्य एवं जलभराव को लेकर सीएम द्वारा सार्वजनिक रूप से जताई गई नाराजगी को लेकर चर्चा है कि कुछ अफसरों पर गाज भी गिर सकती है। जिले के कई जनप्रतिनिधियों के स्तर से भी कुछ अफसरों की कार्यप्रणाली को लेकर शिकायत की गई है। इसको लेकर अफसरों की चिंता बढ़ गई है।
सीएम योगी अपने दो दिवसीय दौरे पर शनिवार को शाम पौने चार बजे लोधा स्थित आईटीएम कॉलेज पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने करीब 18 घंटे तक शहर में प्रवास किया। यहां से वे राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय के भवन निर्माण के निरीक्षण को पहुंचे थे।
यहां पर मुख्यमंत्री ने कार के जरिए शहर में जाने की इच्छा व्यक्त की थी। जिस पर प्रशासन ने उन्हें खैर बाईपास रोड से कमिश्नरी तक पहुंचाने की व्यवस्था की थी। रास्ते में सीएम को सड़कों की दुर्दशा देखने को मिली थी। बारिश के चलते नुमाइश मैदान समेत अन्य जगहों पर जलभराव उन्हें देखने को मिला। स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति भी उन्हें दयनीय हालत में मिली।
मीडिया से बातचीत में भी उन्होंने तीनों विभागों के अफसरों के प्रति नाराजगी व्यक्त की थी। कुछ अफसरों को सीएम ने सुधार की हिदायत भी दी है। कमिश्नर एवं डीएम को भी उन्होंने लापरवाह अफसरों की निगरानी करने एवं उनकी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं, ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
जिले के कुछ जनप्रतिनिधियों के अलावा विभिन्न संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों ने भी सीएम से कुछ विभागीय अफसरों की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी व्यक्त करते हुए शिकायत की गई है। इसके बाद संबंधित अफसरों की चिंता बढ़ गई है और उन्हें कार्रवाई का डर सता रहा है।