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शराब सिंडिकेट के बाद अब 206 गोकशों पर कार्रवाई की तैयारी

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जहरीली शराब कांड के बाद अवैध शराब सिंडिकेट की तर्ज पर अब जिले के गोकश पुलिस के रडार पर आ गए हैं। जिले में दस साल से सक्रिय टॉप-206 गोकश चिह्नित किए गए हैं, जिनके खिलाफ थानावार निरोधात्मक कार्रवाई व संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। इस सूची में ऐसे गोकशों को शामिल किया है, जिन पर कम से कम तीन या उससे अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें सर्वाधिक जवां में गोकश पंजीकृत हैं।
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एसएसपी कलानिधि नैथानी ने इन गोकशों व गोतस्करों के खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित सीओ व थाना प्रभारियों को समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। इनका ब्योरा आपरेशन पहचान के तहत मोबाइल एप पर अपलोड व सत्यापन कर उसे आनलाइन किया जाएगा। इसके आधार पर साक्ष्य व आपराधिक इतिहास के अनुसार हिस्ट्रीशीट खुलवाने, गुंडा एक्ट, गैंगस्टर व संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई करने व गैंग भी पंजीकृत करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
ये है थानावार गोकशों की संख्या
जिले में सर्वाधिक गोकश जवां में 28, थाना खैर में 27, छर्रा में 21, देहलीगेट में 18, कोतवाली में 17, हरदुआगंज में 17, गांधीपार्क में 13, गभाना में 12, क्वार्सी में 10 पंजीकृत हैं। सिविल लाइंस में 3, सासनीगेट में 1, बन्नादेवी में 1, लोधा में 1, चंडौस में 5, अतरौली में 2, दादों में 5, पालीमुकीमपुर में 3, बरला में 9, गंगीरी में 2, अकराबाद में 6, मडराक में 1, गोंडा में 2, टप्पल में 2 व पिसावा में 4 पंजीकृत हैं।
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- यदि समीक्षा के दौरान किसी अपराधी पर ठोस कार्रवाई नहीं होती है तो इसकी जिम्मेदारी तय करते हुए सीओ व एसओ को दंडित किया जाएगा। इस दौरान उनसे पूछा जाएगा कि आखिर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। -कलानिधि नैथानी, एसएसपी
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