दिल्ली विस्फोट मामले से हरकत में आई एजेंसियों की नजर अलीगढ़ पर भी टिकी हुई है। इसी बीच डा.यासिर हुसैन का नाम सामने आने के बाद उसके साथ-साथ यहां से अल फलाक विश्वविद्यालय फरीदाबाद तक जाने वालों की निगरानी शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में यासिर से एजेंसियों ने शनिवार को पूछताछ भी की। हालांकि एएमयू की ओर से भी उससे संपर्क का प्रयास किया गया। मगर संपर्क नहीं हो सका।
कानपुर से हिरासत में लिए गए डाॅ.आरिफ मीर का करीबी डाॅ.यासिर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज का छात्र है। बता दें कि आरिफ मीर को दिल्ली धमाके में आतंकी उमर का सहपाठी होने के चलते हिरासत में लिया गया है। डॉ. यासिर हुसैन पहले कानपुर में ही दाखिला लिया। मगर वहां सवा महीने रुकने के बाद अलीगढ़ आ गया।
इस जानकारी के बाद से ही खुफिया एजेंसियां डॉ. यासिर का ब्योरा जुटा रही हैं। इसी क्रम में शनिवार को उससे गोपनीय तरीके से पूछताछ भी हुई। वह अभी हॉस्टलर नहीं है। शहर में किराये पर रहता है। साथ में कश्मीर का रहने वाला है। इसके अलावा एएमयू में तमाम लोगों के स्तर से यासिर से संपर्क करने का प्रयास किया गया। मगर वह संपर्क में नहीं आया।
इधर, एजेंसियां यासिर के विषय में पूरा विवरण, उसके संपर्क, आवाजाही आदि जुटाने के साथ-साथ ऐसे लोग भी रडार पर आ गए हैं, जो यहां से फरीदाबाद की अल फलाक विश्वविद्यालय में विभिन्न कारणों से गए हैं। उनके विषय में भी पूरा विवरण एकत्रित किया जा रहा है। इस विषय में एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक इतना ही कहते हैं कि एजेंसियां अपना काम कर रही हैं, जो मदद मांगी जाएगी दी जाएगी।
जेएन मेडिकल कॉलेज के कॉर्डियोलॉजी विभाग में यासिर नाम का छात्र पंजीकृत है। एजेंसियों के स्तर से हमसे कोई जानकारी नहीं मांगी गई है। अगर कुछ पूछा जाएगा तो जानकारी दी जाएगी।-प्रो.वसीम अली प्रॉक्टर एएमयू