मदरसा चाचा नेहरू के वाटर कूलर में जहरीला पदार्थ मिलाने की खबर से पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की पत्नी सलमा अंसारी अवाक हैं। वह कहती हैं, ‘समझ में नहीं आता है कि भला बच्चों से किसी की दुश्मनी कैसे हो सकती है। सोचकर रूह कांप जाती है। घिन आती है ऐसे लोगों पर, जो कारनामे को अंजाम देने के फिराक में रहते हैं’। अलनूर चैरिटेबल सोसाइटी की चेयरपर्सन सलमा अंसारी से इस घटना से जुड़े पहलुओं पर विस्तार से बातचीत के मुख्य अंश...
सवाल : आखिर बच्चों से किसकी दुश्मनी है?
जवाब : देखिये, वर्ष 2000 में मदरसा चाचा नेहरू की बुनियाद पड़ी है, तब से कुछ लोगों को जलन हो रही है। कई स्कूलों में ताले लटक गए हैं। मेरा कुछ बिगाड़ नहीं सकते हैं, इसलिए बच्चों को निशाना बना रहे हैं।
सवाल : गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल जैसी घटना हो सकती थी?
जवाब : बिल्कुल। शुक्रिया अफजल का, जो एक फरिश्ता बनकर सामने आ गया। वरना हादसा कितना बड़ा होता, सोच कर भी डर लगता है। वह कौन बेरहम थे, जिन्होंने इतना घिनौना कदम उठाया है।
सवाल : पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने इस मामले की जानकारी ली?
जवाब : जी हां, उन्होंने मामले की जानकारी ली है।
सवाल : मदरसे में कितने बच्चे पढ़ते हैं?
जवाब : मदरसे में तकरीबन चार हजार बच्चे दो शिफ्ट में पढ़ते हैं। हॉस्टल भी है। यही बात कुछ लोगों को नागवार लग रही है।
सवाल : मदरसे कब आएंगी?
जवाब : अभी शुक्रवार को अलीगढ़ में ही थी। जल्द ही वह मदरसे आएंगी।
सवाल : सुरक्षा व्यवस्था में कोई बढ़ोत्तरी होगी?
जवाब : सुरक्षा व्यवस्था दुगुनी कर दी गई है। रात को गनमैन की तैनाती कर दी गई है।
मदरसा में लगेंगे सीसीटीवी कैमरे
अलनूर चैरिटेबल सोसाइटी की चेयरपर्सन सलमा अंसारी ने बताया कि मदरसा चाचा नेहरू में सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। कैमरे खरीदे जा चुके हैं। कैमरे लगने की देरी पर उन्होंने कहा कि मदरसा इमदाद पर चलता है, इसलिए जरूरी चीजों को पहले खरीदा जाता है। मसलन, किताबें खरीद ली गईं। उन्होंने कहा कि मदरसा के गेट के सामने बच्चों की छुट्टी के दौरान भीड़ लग जाती है। इसके लिए पुलिस प्रशासन भी इस व्यवस्था को संभालने के लिए कहा गया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ। अब फिर उनसे इसके लिए अनुरोध किया जाएगा। दुकानें ज्यादा खुलने से यहां परेशानी बढ़ गई है।