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AMU: महिला डॉक्टर बोलीं, रात में वार्ड से इमरजेंसी तक आने में लगता है डर, सुरक्षाकर्मियों की हो तैनाती

Tue, 20 Aug 2024 12:11 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

कोलकाता में जूनियर डॉक्टर की दुष्कर्म व हत्या मामले को देखते हुए एएमयू के जूनियर डॉक्टरों ने वार्ड से इमरजेंसी तक सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है। डॉक्टरों ने कहा कि रात में वार्ड से इमरजेंसी तक आने में कई बार असुरक्षा का अहसास होता है।
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एएमयू में मार्च निकालते डॉक्टर - फोटो : संवाद
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विस्तार
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कोलकाता में जूनियर डॉक्टर की दुष्कर्म व हत्या का मामला पूरे देश में गर्माया हुआ है। ऐसे में एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में तैनात जूनियर महिला डॉक्टरों ने वार्ड, इमरजेंसी और विभागों के गलियारों में सुरक्षाकर्मियों के साथ-साथ पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की मांग उठाई है। महिला डॉक्टरों का कहना है कि रात में वार्ड से इमरजेंसी तक आने में कई बार असुरक्षा का अहसास होता है।

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डॉक्टरों ने कहा कि इन रास्तों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की सख्त जरूरत है। सीसीटीवी कवरेज का दायरा बढ़ाया जाए और उसकी कम से कम पांच दिन की रिकार्डिंग की व्यवस्था की जाए, जिससे बैकअप रिकार्डिंग कभी भी देखी जा सके। एएमयू के सुरक्षाकर्मियों (बुल) के अलावा पुलिस कर्मियों की तैनाती अलग से होनी चाहिए। यूनिवर्सिटी के प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद वसीम अली ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा के इंतजामों पर मंथन हो रहा है। जल्द ही इसमें सुधार नजर आएगा।


ड्यूटी करने का कोई समय निर्धारित नहीं है। वार्ड के पास सुरक्षाकर्मियों की तैनाती बहुत कम है। पुलिसकर्मियों की तैनाती अलग से होनी चाहिए। - डॉ. आसिम सिद्दीकी, अध्यक्ष आरडीए।

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सुरक्षाकर्मियों के अलावा महिला व पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती होनी चाहिए। सीसीटीवी कैमरे और लगने चाहिए। सुरक्षा के लिए यह बहुत जरूरी है। - डॉ. मोहम्मद फरीदुद्दीन मलिक, सचिव, आरडीए।
रात में अगर ड्यूटी है तो वार्ड से इमरजेंसी तक आना पड़ता है, लेकिन यहां सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त नहीं है। इसलिए कई बार रास्ते में डर लगता है। - डॉ. अलीना, जूनियर डॉक्टर।
रात में सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ाने की जरूरत है। रात में वार्ड से इमरजेंसी तक आने में कई बार असुरक्षा का अहसास होता है। जब डॉक्टर ही सुरक्षित नहीं है तो वह कैसे पूरे मनोयोग से काम कर पाएंगे। - डॉ. मिताशा बवेजा।

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