तहसील खैर परिसर में बृहस्पतिवार को अधिवक्ताओं का आक्रोश खुलकर सामने आया। सिविल बार के पदाधिकारियों के साथ अधिवक्ताओं ने तहसीलदार और एसडीएम की कार्यशैली के विरोध में नारेबाजी करते प्रदर्शन किया।
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली में अनियमितताएं और भ्रष्टाचार की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, जिससे आम लोगों के साथ-साथ अधिवक्ताओं को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी इन समस्याओं को लेकर अधिवक्ता हड़ताल पर रहे थे और बार-बेंच के बीच समझौते के बाद लंबित मामलों के निस्तारण का आश्वासन दिया गया था, लेकिन उस पर अमल नहीं हुआ। अधिवक्ताओं ने बताया कि 11 मार्च को उपजिलाधिकारी को प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे स्वीकार नहीं किया गया। बाद में बार अध्यक्ष विनोद कुमार शर्मा और अमर सिंह जादौन की अध्यक्षता में हुई बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि समस्याओं का समाधान होने तक सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। कार्य बहिष्कार जारी रखेंगे। बैठक में सत्येंद्र शर्मा, रघुकुल तिलक गौड़, संजय शर्मा, चंद्रशेखर सारस्वत, जितेंद्र गौतम, अजय चौहान, आनंद गौतम, विजयकांत शर्मा आदि मौजूद रहे।