तहसील में अनियमितता और लापरवाह कार्यशैली के विरोध में खैर सिविल बार एसोसिएशन का न्यायालय बहिष्कार एक माह से जारी है। अधिवक्ताओं ने 19 सितंबर से एसडीएम और तहसीलदार के न्यायालयों का बहिष्कार प्रारंभ किया था, लेकिन समस्या के समाधान की कोई पहल प्रशासन की ओर से नहीं की गई है।
सिविल बार के महामंत्री संजय शर्मा ने बताया कि बार एसोसिएशन ने न्यायालयों में व्याप्त अनियमितता, अवैध नामांतरण निरस्तीकरण और अनियमित राजस्व प्रणाली के विरोध में आंदोलन प्रारंभ किया था। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने अधिवक्ताओं की समस्याओं पर कोई ठोस कदम उठाया है।महामंत्री संजय शर्मा ने बताया कि तहसील में अवैध तरीके से नामांतरण की पत्रावलियों को निरस्त कर दिया गया है। ऑनलाइन नक्शा पोर्टल पर वादों का निस्तारण केवल कागजी रूप से दिखाया जा रहा है। वहीं, सैकड़ों अविवादित पत्रावलियां दाखिल-खारिज के लिए लंबित पड़ी हैं। खतौनी दुरुस्ती और अंश सुधार जैसे मामलों में ग्रामीण महीनों से तहसील में भटक रहे हैं। बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि जब तक भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और राजस्व व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक न्यायालय बहिष्कार जारी रहेगा और आंदोलन तेज किया जाएगा।