अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय प्रशासन ने जम्मू-कश्मीर के छात्रों को कैंपस से बाहर न जाने की सलाह दी है। इसके साथ ही उन्हें विरोध-प्रदर्शन आदि से दूर रहने का सुझाव दिया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल आने के बाद एएमयू प्रशासन चौकन्ना हो गया है।
2018-19 शैक्षणिक सत्र में एएमयू में करीब 995 छात्र-छात्रा पंजीकृत थे। सत्र 2019-20 में नामांकन प्रक्रिया जारी है। सूत्रों की मानें तो एएमयू के विभिन्न हॉलों में इस समय करीब 250-300 छात्र-छात्रा मौजूद हैं। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल को लेकर एएमयू प्रशासन चौकन्ना है। सोमवार सुबह 8 बजे से ही हॉलों के प्रवोस्ट एवं वार्डन छात्रों से मुलाकात कर समझाने में जुट गए, ताकि किसी तरह का विरोध-प्रदर्शन न हो। छात्रों से विवादित बयान देने से परहेज करने को भी कहा जा रहा है।
दोपहर में प्रशासनिक ब्लॉक में सभी हॉलों के प्रवोस्ट साथ विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बैठक कर जरूरी दिशा निर्देश जारी किया। एएमयू के अधिकारी लखनऊ एवं जिला प्रशासन के संपर्क में हैं और लगातार सूचनाओं का आदान-प्रदान कर रहे हैं। विधि व्यवस्था बनाए रखने एवं किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए यूनिवर्सिटी सर्किल पर आरएएफ के जवान तैनात कर दिए गए हैं। जिला प्रशासन के अधिकारी लगातार चक्कर लगाकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। देर शाम तक किसी तरह का विरोध-प्रदर्शन की खबर नहीं मिलने से एएमयू एवं जिला प्रशासन के अधिकारी राहत महसूस कर रहे हैं।