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होम आइसोलेशन के दौरान मरीजों को निगरानी चार्ट भरने की सलाह

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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने होम आइसोलेशन के नियमों में कुछ बदलाव करते हुए संशोधित गाइड लाइन जारी की है। हल्के या बिना लक्षण वाले कोविड मरीज घर पर रहकर भी स्वस्थ हो सकते हैं। होम आइसोलेशन के दौरान ऑक्सीमीटर रिकार्डिंग एवं थर्मल स्क्रीनिंग बेहद जरूरी है।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीपी सिंह कल्याणी ने बताया कि गाइडलाइन में सभी कोविड मरीजों को होम आइसोलेशन में रहने की सलाह नहीं दी गई है। होम आइसोलेशन के लिए इलाज कर रहे चिकित्सक द्वारा चिकित्सकीय जांच के आधार पर हल्के, बिना लक्षण वाले मरीज के तौर पर प्रमाणित करने की जरूरत को अनिवार्य बताया गया है। ऐसे मामलों में मरीज के घर पर सेल्फ आइसोलेशन और परिवार के लोगों को क्वारंटीन करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए।
होम आइसोलेशन में 10 दिनों तक भरें निगरानी चार्ट
सीएमओ ने कहा गाइडलाइन में होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना मरीजों को 10 दिनों तक निगरानी चार्ट भरने की सलाह दी गई है। निगरानी चार्ट में प्रत्येक दिन के शरीर के तापमान एवं ऑक्सीमीटर से हृदय गति एवं ऑक्सीजन के स्तर को भरने की सलाह दी गई है। साथ ही निगरानी चार्ट में ही प्रत्येक दिन की स्थिति भी भरने की बात कही गयी है। यानी स्थिति पहले से बेहतर, पहले जैसी या उससे खराब हुई है।
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कोविड रोगी एवं देखभालकर्ता इन बातों का रखें ध्यान
डीएसओ डॉ. अनुपम भास्कर ने कहा कि होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज की देखभाल करने वाले व्यक्ति को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गयी है। मरीज दिन में दो बार गर्म पानी से गरारे एवं भांप ले सकते हैं। गाइडलाइन में कोविड रोगी को घर के एक कमरे में रहने तथा विशेषतौर पर परिवार में मौजूद गंभीर रोगों से ग्रसित लोगों से दूरी बनाकर रहने के लिए कहा गया है। साथ ही कमरे में ताजी हवा की मौजूदगी एवं इसके लिए वेंटिलेशन का पूरा ध्यान रखने की सलाह दी गयी है। देखभालकर्ता तथा रोगी को तीन लेयर के मास्क इस्तेमाल करने की सलाह दी गयी है। साथ ही अधिकतम आठ घंटे तक ही एक मास्क का इस्तेमाल करने की बात कही गयी है।
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इन परिस्थितियों में चिकित्सकीय सलाह जरुरी
- सांस लेने में तकलीफ होने पर
- ऑक्सीजन का स्तर 94 से कम होने पर
- छाती में लगातार दर्द का बने रहना या अचानक बढ़ जाने पर
- मानसिक रूप से अधिक परेशान होने पर
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