जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम हेल्पलाइन और आईजीआरएस पर ऑनलाइन आने वाली शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की। शिकायतों के गलत निस्तारण पर डीपीआरओ धनंजय जायसवाल, एमओआईसी खैर राहुल शर्मा एवं औषधि निरीक्षक हेमेंद्र चौधरी को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि आईजीआरएस पर प्राप्त होने वाली शिकायतों के निस्तारण में देरी और गलत निस्तारण बर्दाश्त नहीं होगा। शिकायतों के निस्तारण में कोई समझौता नहीं होगा और जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। डीएम ने इस बात पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की, कि शिकायतकर्ताओं से संपर्क किए बिना ही निस्तारण दर्शाया जा रहा है।
लंबे समय से 12 शिकायतें लंबित मिलना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण के लिए कंट्रोल रूम के जरिये शिकायतों का सत्यापन कराया जा रहा है। डीएम ने शिकायतों के गलत निस्तारण पर डीपीआरओ धनंजय जायसवाल, एमओआईसी खैर राहुल शर्मा एवं औषधि निरीक्षक हेमेंद्र चौधरी को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। साथ ही पूर्व में दी गई प्रतिकूल प्रविष्टि के बावजूद भी नगर निगम, समाज कल्याण विभाग एवं एडीए से जुड़े अफसरों के समय से निस्तारण न करने पर विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि यदि अगस्त में जनपद स्तर की रैंक खराब रही तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने एडीएम सिटी राकेश कुमार पटेल एवं एडीएम प्रशासन डीपीपाल को निर्देश दिए कि आईजीआरएस को लेकर अब भविष्य में कोई भी बैठक नहीं बुलाई जाएगी। लंबित संदर्भों एवं गलत निस्तारण पर सीधे कार्रवाई को पत्रावली प्रस्तुत की जाए।