भाजपा के क्षेत्रीय सांसद सतीश गौतम के लेटरहेड पर फर्जीवाड़ा कर एएमयू में दाखिले के लिए सिफारिश कर दी गई, जबकि उन्हें इस तरह की कोई जानकारी नहीं। यह पत्र एएमयू कुलपति को लिखा गया। जब उन्हें कुलपति की ओर से यह पत्र भेजा गया तो वे दंग रह गए। इस पर सांसद ने एसएसपी को पत्र लिखा, जिस पत्र के आधार पर सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज किया गया है।
यह लिखा है पत्र में
सांसद सतीश गौतम के लेटरहेड पर पत्रांक संख्या 496 उपकुलपति एएमयू/2022-23 के साथ 28 अक्तूबर 2023 की तारीख से एक पत्र कुलपति को लिखा गया। जिस पर सांसद के हस्ताक्षर भी हैं। इस पत्र में लिखा गया है कि मुहम्मद साद वारिस जिसका एपलीकेशन नंबर 90606507 रोल नंबर 22405509 है वाणिज्यकर विभाग 123-23-24 में प्रवेश चाहते हैं। आपसे विशेषानुरोध है कि श्री साद को नियमानुसार 23-24 में वाणिज्यकर विभाग में प्रवेश देने का कष्ट करें।
बताया गया है कि इस पत्र पर अंकित तारीख देख खुद कुलपति दंग रह गए। उन्होंने पत्र की प्रति सांसद को भेजी तो वे भी दंग रह गए। पत्र को स्कैन किया हुआ बताते हुए सांसद की ओर से एसएसपी को पत्र लिखा गया। एसएसपी को लिखे गए इस पत्र के आधार पर सिविल लाइंस में मुहम्मद साद वारिस नाम के इस पत्र धारक को आरोपी बनाया गया है।
इंस्पेक्टर सिविल लाइंस संजय जायसवाल ने धोखाधड़ी व कूटरचित दस्तावेज तैयार करने की धाराओं में मुकदमे की पुष्टि करते हुए बताया कि नाम व नंबर के आधार पर आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। वहीं सांसद का कहना है कि मेरा लेटरहेड स्कैन कर किसी ने यह हरकत की है। उसी आधार पर एसएसपी को पत्र लिखा गया था।