उप्र राज्य कर्मचारी विकास लोक सहकारी आवास समिति लि. द्वारा संचालित धनीपुर, किशनपुर एवं असदपुर क्याम की तीन आवासीय योजनाओं में 300 करोड़ रुपये से अधिक की भूमि का बंटवारा नियम विरुद्ध तरीके से किया गया है। शासन से इसकी शिकायत की गई तो तीन सदस्यीय समिति बना दी गई है। इस समिति में मंडलायुक्त अलीगढ़, पुलिस महानिरीक्षक अलीगढ़ जोन एवं अलीगढ़ विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश शासन आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग ने इस टीम को जांच का जिम्मा साैंपा है। अपर मुख्य सचिव डाॅ. नितिन रमेश गोकर्ण ने पत्र जारी किया है। जिसमें स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों/ अंतरिम प्रबंध समिति के सदस्यों एवं आवास-विकास परिषद सहकारिता अनुभाग के अधिकारियों द्वारा किए गए षडयंत्र की जांच के निर्देश दिए हैं। समिति के सदस्य / प्लाॅट स्वामियों की शिकायतों की जांच भी समिति करेगी।
इसी प्रकरण में एसएन दीक्षित की ओर से थाना क्वार्सी में धोखाधड़ी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उन्होंने कहा है कि समिति एक पंजीकृत संस्था है। वे इसके सदस्य हैं। किशनपुर आवास योजना का ले-आउट एडीए से स्वीकृत है। गाटा संख्या 277 व 294 में पार्क बनाया गया था, जिसकी जमीन बेच दी गई है। आरोप है कि समिति में जितेंद्र कुमार नियम विरुद्ध सचिव पद पर हैं। वह अधिकारियों को गुमराह करते रहे। कार्यालय सहायक धर्मेंद्र कुमार भी सचिव रहे हैं। आरोप है कि दोनों कीमती जमीनों का बैनामा सस्ते में कर रहे हैं। धनराशि के प्राप्त होने की कोई प्रविष्टि दर्ज नहीं की गई है।