आर्य समाज के प्रशासक पद को लेकर दो पक्षों में विवाद चल रहा है। एक पक्ष से भूपेंद्र गुप्ता और दूसरे पक्ष से भूदेव शर्मा आमने-सामने हैं। एक पक्ष लखनऊ से अपने पक्ष में दस्तावेज होने का दावा कर रहा है जबकि दूसरा पक्ष उसे मानने से इंकार कर रहा है। इसी विवाद के चलते हर साल परंपरागत तरीके से निकाले जाने वाली शोभायात्रा पर असमंजस पैदा हो गया।
ऋषि बोधोत्सव के उपलक्ष्य में शनिवार को देहलीगेट क्षेत्र के कनवरीगंज आर्य समाज प्रचार केंद्र द्वारा निकाले जाने वाली परंपरागत शोभायात्रा को बिना अनुमति निकाले जाने पर पुलिस- प्रशासन ने उसे रोक दिया। इसको लेकर वहां हंगामा हो गया। पूर्व मेयर शकुंतला भारती की पुलिस एवं प्रशासनिक अफसरों से नोकझोंक तक हो गई। बाद में तय हुआ कि शोभायात्रा सादगीपूर्ण तरीके से निकाली जाएगी। इसके बाद सामान्य तरीके से शोभायात्रा निकाली गई।
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आर्य समाज के प्रशासक पद को लेकर दो पक्षों में विवाद चल रहा है। एक पक्ष से भूपेंद्र गुप्ता और दूसरे पक्ष से भूदेव शर्मा आमने-सामने हैं। एक पक्ष लखनऊ से अपने पक्ष में दस्तावेज होने का दावा कर रहा है जबकि दूसरा पक्ष उसे मानने से इंकार कर रहा है। इसी विवाद के चलते हर साल परंपरागत तरीके से निकाले जाने वाली शोभायात्रा पर असमंजस पैदा हो गया। शुक्रवार को प्रशासनिक अफसरों ने दोनों पक्षों को बुलाकर बातचीत की। दोनों पक्षों ने शोभायात्रा नहीं निकालने का निर्णय लिया और लिखित में भी दे दिया।
शनिवार को एक पक्ष के भूपेंद्र गुप्ता ने कनवरीगंज से शोभायात्रा निकालना शुरू कर दिया। इसकी जानकारी पुलिस- प्रशासनिक अफसरों को हुई तो मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट चंद्रशेखर एवं सीओ प्रथम आदि आ गए। उन्होंने बिना किसी अनुमति के शोभायात्रा निकालने से रोक दिया। इसी बीच आयोजकों ने पूर्व मेयर शकुंतला भारती को सूचना दे दी। शोभा यात्रा की अनुमति देने को लेकर पूर्व मेयर शकुंतला भारती की अफसरों से तीखी नोकझोंक हो गई। काफी देर तक इसको लेकर वहां हंगामा होता रहा। आखिर में तय हुआ की शोभायात्रा बिना किसी बैंडबाजे एवं म्यूजिक साउंड के ही निकलेगी।
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इसके बाद गुरुकुल कन्या सासनी, साधु आश्रम आदि विभिन्न विद्यालयों के ब्रह्मचारी एवं ब्रह्मचारिणी ने सांकेतिक रूप से शोभायात्रा निकाली जो विभिन्न मार्गों से होकर अचल ताल स्थित आर्य समाज मंदिर पहुंची। जहां पर अन्य कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। आयोजन समिति की ओर से मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों को सत्यार्थ प्रकाश ग्रंथ भेंट किया गया । इस मौके पर राजेंद्र चीफ, राजेश पथिक, कृष्णा गुप्ता, सत्येंद्र प्रकाश गुप्ता आदि मौजूद रहे। इस संबंध में एक पक्ष के भूपेंद्र गुप्ता का कहना है कि परंपरागत तरीके से ही शोभायात्रा निकाली गई है, जबकि दूसरे पक्ष के भूदेव शर्मा ने इस मामले में कुछ भी कहने से साफ मना कर दिया।