ईद आज मनाई जाएगी। मंडलायुक्त, डीआईजी, जिलाधिकारी और एसएसपी ने इस मौके पर सभी को हार्दिक बधाई दी है। साथ ही घर पर ही त्योहार मनाने की अपील की है।
ईद-उल-फितर का त्योहार मुसलमान भाइयों का सबसे मुकद्दस त्योहार है, जो 30 रोजे रखने वाले रोजेदारों के लिए अल्लाह ताला की ओर से तोहफे के तौर पर नाजिल किया गया है। अल्लाह ताला खुद फरिश्तों के साथ जमीन पर उतर कर देखते हैं कि कौन बंदा उससे क्या मांगता है। परवर दिगार उसी बंदे के रोजे और इबादत कबूल करते हैं, जिसने ईमान के साथ रोजे रखे हों, नमाज पढ़ी हो और कुरान का मुताला किया हो और गरीबों, मुफ़लिसों और मोहताजों की मदद की हो। अल्लाह का सबसे ज्यादा करम और फजीलत भी उसी बंदे पर नाजिल होती है। ईद-उल-फितर हम प्रेम, प्रसन्नता और आनंद को जरूरतमंदों के साथ बांटे। मंडलवासियों के बीच मैत्री, सहिष्णुता और सद्भावना बढ़ने की कामना करता हूं। - जीएस प्रियदर्शी, मंडलायुक्त।
ईद पूरे देश में एक उत्साह का संचार करती है। इसी उत्साह में हम सभी को कोरोना से लड़ने का दृढ़ संकल्प करना चाहिए, ताकि हम सभी मिलकर इस संकट से जीत सके। ईद पर लोग घरों में ही रहें। बाहरी लोगों के संपर्क में बिल्कुल न आएं। कहीं भी सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन न करें। अगर हम कोरोना संक्रमण से जीत गए तो आने वाली हर ईद सबके घर रोशन करती रहेगी।
- डा. प्रीतिंदर सिंह, डीआईजी।
त्योहार पुलों का काम करते हुए हर वर्ग, मजहब और संप्रदायों को आपस में जोड़ते हैं। ईद-उल-फितर आपसी भाईचारे, सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक है, जो मुसलमान और गैर मुसलमान का भेद मिटाकर आपसी भाईचारे और मोहब्बत का पैग़ाम देता है। ईद उल फितर के मुकद्दस मौके पर अल्लाह सभी रोजेदारों के रोजे और इबादतें कबूल कर उन्हें बरकत, सेहत और सुकून दे। वर्तमान समय में कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए शारीरिक दूरी का पालन करें और घरों में ही नमाज पढे़ं। सैनिटाइजर का प्रयोग करें और चेहरे को मास्क से ढकें। - चंद्रभूषण सिंह, जिलाधिकारी।
हर त्योहार हमें एक नया उत्साह दे जाता है। हम कोरोना संकटकाल से उबरने में लगे हैं। जिला प्रशासन- पुलिस प्रशासन हर हाल में इस संक्रमण फैलने से रोकने में दिन-रात जुटे हैं। ऐसे में सभी से अपील है कि वह अपने घरों में ही रहें। ईद पर ईदगाह की नमाज नहीं होगी। इसलिए घर पर ही नमाज ए चाश्त पढ़े। किसी भी हाल में गले न मिलें यानी मुसाफा न करें। किसी भी तरह से बाहरी लोगों के संपर्क में न आएं। कोरोना संक्रमण से बचे रहना भी एक ईद से कम बड़ा तोहफा नहीं है। - मुनिराज जी, एसएसपी।