खैर रोड स्थित लाल मस्जिद के पास सोमवार को एक मां की बेबसी और उम्मीद साथ-साथ दिखाई दी। सोमवार को चार दिन से लापता 19 वर्षीय बेटे शाहिद की तलाश में प्रशासन जहां पोखर से पानी निकालने में जुटा रहा, वहीं किनारे बैठी मां मारुफा बेगम लगातार बेटे का नाम लेकर उसे पुकारती रही। देर रात तक अभियान चलता रहा, लेकिन मां की आंखें बेटे के इंतजार में ही टिकी रहीं।
परिजनों के अनुसार शाहिद घर के बाहर गन्ने का रस बेचता था। चार दिन पहले वह अचानक घर से लापता हो गया। इससे पहले भी वह एक बार घर से चला गया था, तब उसकी मां उसे इसी पोखर के पास से लेकर आई थी। इसी कारण इस बार मां को आशंका है कि बेटा कहीं पोखर में उतर गया हो।
परिजनों की सूचना पर पुलिस ने नगर निगम से सहयोग मांगा जिसके बाद बचाव टीम मशीनों के साथ मौके पर पहुंची और पोखर से पानी निकालने का काम शुरू कराया गया। दिनभर मशीनें चलती रहीं, लेकिन दलदल और गहराई के कारण देर रात तक सीमित पानी ही बाहर निकल सका। रात होने पर टीम मंगलवार को दोबारा आने की बात कहकर लौट गई, लेकिन मां वहीं बैठी रही। उसे अब भी उम्मीद है कि बेटा मिल जाएगा।
चार दिन से नहीं खाया खाना
परिवार का कहना है कि बेटे के गायब होने के बाद से मां ने ठीक से खाना तक नहीं खाया। वह लगातार उसकी तलाश में जुटी है। सोमवार को भी सुबह से देर रात तक पोखर किनारे बैठी रही। कभी पानी को देखती, कभी बेटे का नाम लेकर पुकारती और रो पड़ती।
मां के लिए निकाल रहे पानी
देहली गेट थाना पुलिस का कहना है कि पोखर में युवक के मिलने की आशंका नहीं है। आसपास उन्हें ऐसे कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं लेकिन, मां की पीड़ा और संतोष के लिए बचाव दल जुट गया है।
शाहिद।