यास तूफान के पश्चिम बंगाल में कहर को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। बारिश शुरू होने से पहले जिला प्रशासन इसके कहर के बचाव के लिए इंतजाम करने में जुट गया है। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बृहस्पतिवार को स्टीयरिंग ग्रुप के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने कहा कि इस वर्ष बारिश सामान्य से अधिक रहेगी। मौसम विभाग ने इसके लिए अलर्ट किया है। इसे देखते हुए गंगा व यमुना के किनारे के गांवों में बाढ़ से बचाव के इंतजाम किए जाएं। तहसीलदार अतरौली व खैर को अपने-अपने इलाकों में बाढ़ चौकियां स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में बाढ़ स्टीयरिंग ग्रुप की बैठक में उन्होंने कहा कि मौसम विभाग के अनुसार इस बार सामान्य से ज्यादा बारिश होने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए एहतियात के तौर पर हर प्रकार से तैयारी करनी होगी। गंगा व यमुना के किनारे बसे ग्रामों को बाढ़ से सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक है कि समय से पहले हर प्रकार तैयारियां पूरी की जाएं। बाढ़ चौकियों की स्थापना समय से की जाए। जो कार्य मनरेगा से कराए जाने हैं। प्रस्ताव पर सहमति प्राप्त कर पूर्ण कराए जाएं। ऐसे कार्य जिनके लिए शासन से धन का आवंटन होना है, उनका प्रस्ताव तैयार कर शासन को पत्राचार किया जाए। तट बंधों की मरम्मत एवं उनकी निगरानी का प्रबंध किया जाए।
एसडीएम अतरौली एवं एसडीएम खैर, सिंचाई विभाग के संबंधित सहायक अभियंताओं द्वारा तटबंधों एवं कटाव निरोधक कार्यों का संयुक्त निरीक्षण किया जाए। बाढ़ सुरक्षा समितियों के गठन सहित एसडीएम अतरौली को निर्देशित किया कि गंगा नदी की बाढ़ के प्रभावित क्षेत्रों से ग्रामवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए स्थानों का चिन्हांकन किया जाए। समस्त रजवाहों की सफाई कराई जाए। विद्युत अभियंताओं को निर्देश दिए कि जिन बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में बिजली का प्रबंध न हो वहां अस्थायी कनेक्शन एवं ट्रांसफार्मरों की व्यवस्था की जाए। लोक निर्माण विभाग बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संपर्क मार्गों को दुरुस्त करें।
पुलिस विभाग को बाढ़ के समय बाढ़ निरोधात्मक कार्यों के सुरक्षार्थ पेट्रोलिंग प्रबंध कराने के साथ-साथ मोटर वोटों की व्यवस्था की जाए। आपूर्ति विभाग को बाढ़ आने पर प्रभावित ग्रामों में ग्रामीणों के जीविकोपार्जन के लिए खाद्य सामग्री की व्यवस्था तथा चिकित्सा विभाग को जल जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए डॉक्टर एवं कैंपों की व्यवस्था तथा दवाइयों की व्यवस्था कराने सहित पशु चिकित्सा विभाग को पशुओं को संक्रमित होने से बचाने के लिए टीकाकरण अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ अंकित खंडेलवाल, एडीएम वित्त एवं राजस्व विधान जायसवाल, एडीएम सिटी राकेश कुमार मालपाणी, एडीएम प्रशासन डीपी पाल, एसडीएम अतरौली पंकज कुमार, एसडीएम खैर अंजनी कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई भरत राम, ईओ खैर संदीप सक्सेना सहित स्वास्थ, कृषि, आपूर्ति, वन, पशुपालन, नलकूप, विद्युत, जल निगम आदि विभागों के जनपदीय अधिकारी मौजूद रहे ।