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28 घंटे तक नाकाम रहा प्रशासन, दो घंटे में परिवार ने निकाला शव

Sun, 02 Feb 2020 01:12 AM IST
राजेश सिंह न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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गांव में अफरा-तफरी - फोटो : अमर उजाला
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गंगीरी थाने के गांव बढ़ारी बुजुर्ग में ढाय खिसकने से कुएं के अंदर मिट्टी में दबे किसान को निकालने में पुलिस-प्रशासन की टीम 28 घंटे तक फेल रही वहीं करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद परिवार व गांव वालों ने शव को निकाल लिया।

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शव लेकर परिवार वाले घेर में चले गए और फाटक बंद कर लिया। पोस्टमार्टम के लिए शव लेने पहुंचे पुलिस वालों को लाठी, पत्थर लेकर खदेड़ दिया। इससे पहले सुबह छर्रा विधायक ठा. रवेंद्र पाल सिंह व तहसीलदार से भी परिवार व ग्रामीणों की नोकझोंक हुई थी। विधायक व गणमान्य लोगों के समझाने के बाद ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम के लिए शव पुलिस को सौंपा।


शुक्रवार की सुबह 7 बजे किसान नत्थू सिंह गांव के तीन मजदूरों को लेकर अपने नलकूप के पंप को निकालने के लिए कुएं पर पहुंचे थे। पंप को रस्से में बांधने के लिए वह कुएं में उतरे थे। मजदूर रस्सा खींचने के लिए ऊपर थे।
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करीब 8 बजे कुएं की ढाय खिसकी थी जिससे मिट्टी में कुएं में करीब 25 फुट नीचे नत्थू सिंह दब गए थे। करीब 10 बजे पुलिस ने 3 जेसीबी के जरिए बचाव कार्य शुरू कराया था। 

शुक्रवार को मध्यरात्रि 1 बजकर 20 मिनट पर तीसरी बार ढाय खिसकने के बाद काम बंद हो गया था। शनिवार की सुबह से फिर खुदाई शुरू हुई। दोपहर के 12 बजते-बजते परिवार व गांव वालों का धैर्य जवाब दे गया।

सभी जेसीबी और प्रशासनिक टीम को विरोध कर हटाने के बाद परिवार के 4 सदस्यों समेत करीब 25 ग्रामीणों ने फावड़े, तसले लेकर खुद खुदाई शुरू की। करीब पौने दो घंटे की मेहनत के बाद 1 बजकर 40 मिनट पर नत्थू सिंह के शव को कुएं से बाहर निकाल लिया गया। पुलिस शव को एंबुलेंस में रखना चाह रही थी लेकिन परिवार वाले छीनकर शव घेर में ले गए।

लाठी, पत्थर देखकर पुलिस वालों ने भागकर जान बचाई। आधे घंटे बाद विधायक ठा. रवेंद्रपाल सिंह व ग्राम प्रधान प्रमोद गुप्ता के समझाने पर परिवार वालों ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। 

पेड़ों की टहनियां काटकर बंद कर दिए थे रास्ते
शनिवार की सुबह जेसीबी के जरिए जैसे ही बचाव कार्य शुरू हुआ ग्रामीणों ने तहसीलदार को घेर लिया। पूछा नत्थू सिंह को अभी तक क्यों नहीं निकाला गया? तहसीलदार ने जारी प्रयास की जानकारी देकर ग्रामीणों को शांत कराने की कोशिश की। उधर गांव से बाहर जाने वाले रास्तों पर पेड़ों की टहनियां काटकर लोगों ने जाम लगा दिया।

इस बीच गुस्साए लोगों को समझाने में ग्रामीण लगे रहे। शनिवार को छर्रा विधायक ठा. रवेंद्र पाल सिंह भी गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया। पूछा-दबे किसान को कब तक निकाल पाओगे? विधायक ने समझाया कि अपने स्तर पर 2 जेसीबी और मंगवाई हैं। पूरा प्रयास किया जा रहा है। इस बीच विधायक से ग्रामीणों की हल्की नोकझोंक भी हुई। एसडीएम पंकज कुमार, सीओ पंकज श्रीवास्तव के साथ ही छर्रा, बरला व दादों के थानाध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य उमाशंकर लोधी भी गांव में मौजूद रहे।

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