प्राधिकरण की योजना के अनुसार, सबसे पहले विवादित भूमि पर दावा करने वाले दूसरे पक्ष से लिखित विवरण लिया जाएगा कि उनके अनुसार जमीन के नीचे क्या मौजूद है। इसके बाद अत्याधुनिक मशीनों से जमीन की थ्रीडी इमेजिंग की जाएगी। यह तकनीक 100 साल तक पुरानी स्थिति की सटीक जानकारी देने में सक्षम है। इससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि जमीन के अंदर कोई प्राचीन संरचना, कब्रिस्तान या अन्य अवशेष हैं या नहीं, जिससे दूसरे पक्ष के दावों की सच्चाई तुरंत पर्दे पर आ जाएगी।
अटकी हुई योजनाएं और अवैध कॉलोनियां
मुआवजे के विवाद के कारण स्वर्ण जयंती नगर जैसी प्रमुख योजनाओं के कुछ पॉकेट्स में विकास कार्य और आवंटन रुके हुए हैं। इसके अतिरिक्त, एडीए ने 100 से अधिक ऐसी कॉलोनियों को अवैध घोषित किया है, जहां बिना नक्शा पास कराए निर्माण किया गया है। खैर रोड, रामघाट रोड और अनूपशहर रोड के बाहरी इलाकों में प्राइवेट बिल्डरों द्वारा बेचे गए भूखंडों पर प्राधिकरण की पैनी नजर है।
विवादों के बीच एडीए अपनी वर्तमान योजनाओं को गति दे रहा है। विभिन्न योजनाओं में खाली पड़े फ्लैटों पर 15 से 20 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है, जिसका विशेष लाभ सशस्त्र बलों को मिलेगा। स्वर्ण जयंती नगर, अवंतिका (फेज 1 व 2), विकास नगर और शांति निकेतन जैसी योजनाओं में संपत्तियां उपलब्ध हैं। ट्रांसपोर्ट नगर में हाल ही में यहां 62 भूखंडों की नीलामी प्रक्रिया शुरू की गई है।
किशनपुर स्वर्णजयंती नगर जमीन पर बाउंड्री निर्माण जारी
किशनपुर स्वर्ण जयंती नगर में बुधवार को कब्जा मुक्त कराई गई जमीन पर अलीगढ़ विकास प्राधिकरण द्वारा वाउंड्रीवाल का निर्माण कार्य जारी रहा। यहां पर कुल 2400 वर्ग मीटर जमीन में से मौके पर 1400 वर्ग मीटर जमीन एडीए को मिली है जिसकी कीमत 10 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। बची हुई जमीन को लेकर एडीए उप निबंधक कार्यालय से आसपास के जमीनों के स्वामित्व के रिकॉर्ड को निकलवा रहा है।