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एडीए यानी सिर्फ नक्शा पास करने वाली अथॉरिटी

Thu, 14 Jul 2016 01:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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एडीए यानी सिर्फ नक्शा पास करने वाली अथॉरिटी
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अलीगढ़ विकास प्राधिकरण केवल नक्शा पास करने वाला, अवैध निर्माण के लिए नोटिस देने और पुरानी योजनाओं की किस्त जमा करने वाली अथॉरिटी ही बनकर रह गया है। शहर की आवासीय जरूरत पूरी करने में यह पूरी तरह से फेल है। शासन- प्रशासन और जनप्रतिनिधियों तीनों की उदासीनता कहें या मजबूरी अलीगढ़ में कोई भी नई आवासीय योजना नहीं आई है। जो पुरानी योजनाएं हैं वह भी अधिकतर विवादों में ही फंसी हैं या अधूरी पड़ी हैं। इससे शहर अवैध कालोनी का शहर बनता जा रहा है।
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अलीगढ़ विकास प्राधिकरण शहर की जरूरत की कसौटी पर खरा नहीं उतर रहा है। वर्तमान में उसके पास केवल एक ही योजना है स्वर्ण जयंती विस्तार योजना। करीब  300 प्लाट और 400 आवास वाली यह योजना भी कानूनी विवादों में फंस गई है। एडीए के पास अपनी लैंड बैंक तक नहीं है। पांच साल पहले तत्कालीन एडीए उपाध्यक्ष के बाद किसी भी वीसी ने लैंड बैंक के लिए कोई विशेष प्रयास नहीं किए। इससे दुष्परिणाम यह निकले कि शहर में अवैध कॉलोनी की बाढ़ आई हुई है। आवासीय योजना के लिए  गुरुसिकरन क्षेत्र में 200 एकड़ जमीन जो चिह्नित की थी वह वन विभाग के हाथ चले जाने से कंगाली में आटा गीला कर दिया। एडीए के रिकार्ड में ही 100 से अधिक अवैध कॉलानी हैं। इनमें से करीब 20 कॉलोनी तो दो साल के अंदर ही अस्तित्व में आई हैं।
शहर को चाहिए 400 एकड़ की आवासीय योजना
अलीगढ़ शहर की आवासीय जरूरत पूरा करने के लिए एडीए को 400 एकड़ से अधिक की लैंड बैंक बनानी होगी। इसमें भी देरी और की तो यह लैंड बैंक भी छोटी पड़ जाएगी। सांसद सतीश गौतम की चिंता जायज है। उनका कहना है कि एडीए वास्तविक गरीबों के लिए छत की व्यवस्था नहीं कर पा रही है। जो आवासीय योजना उसने बनाई भी है वह भवन गिरासू हो गए हैं, लेकिन योजना पूरी नहीं हुई है।
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नया शासनादेश देगा कुछ राहत
अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नरेंद्र पालीवाल ने बताया कि शासन ने एक नई व्यवस्था शुरू की है इसके तहत एडीए टुकड़ों में जमीन खरीद कर आवासीय योजना बना सकता है। उनका आशय था कि एडीए 100 -200 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करने की जगह - 10  -20 एकड़ जमीन शहर के अलग-अलग स्थानों पर खरीदकर जमीन की जरूरत को पूरा कर सकता है। इसमें अधिग्रहण की प्रक्रिया की जगह निजी खरीददार वाली प्रक्रिया अपनाई जाएगी। डीएम की अध्यक्षता में एक कमेटी जमीन खरीद की अनुमति देगी। इसके बाद बोर्ड में प्रस्ताव पास होगा। इसके बाद खरीदी जाने वाली भूमि का रिकार्ड (बारह साला आदि) देखने के बाद भू मालिक को भुगतान कर रजिस्ट्री कराएगी।
शिकायत के बाद तेज हो गया अवैध निर्माण
अलीगढ़। अलेदादपुर नींवरी, गोंडा रोड पर  32 बीघा खेती की जमीन में एक नई कॉलोनी विकसित की जा रही है। इसमें 30 हजार रुपये प्रति गज के हिसाब से प्लाट काटे जा रहे हैं। इसकी शिकायत हो गई। आठ जुलाई को एडीए की टीम भी पहुंची, लेकिन उसके लौटने के बाद निर्माण रुकने की जगह तेजी से होने लगा है। तीन रोड रोलर सड़क बनाने में लगे हैं। प्लाटिंग भी शुरू हो गई है।
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