विकास प्राधिकरण के कार्यों में आए दिन कोई न कोई घालमेल सामने आता रहा है। ताजा मामला जीटी रोड पर पीडब्ल्यूडी के हिस्से की सड़क पर एडीए द्वारा 2019-20 में बनाए डिवाइडरों का सामने आया है। इंडियन रोड कांग्रेस (आईआरसी) के मानकों को ताक पर रखकर बना दिए गए। पीडब्ल्यूडी ने इस संबंध एडीए को पत्र के माध्यम से चेतावनी दी है कि अगर सड़क को मानकों के हिसाब से चौड़ा करते हुए डिवाइडर नहीं बनाए गए तो विभाग द्वारा जारी की गई एनओसी छीन ली जाएगी।
शहर से गुजर रहे जीटी रोड के नौरंगाबाद छावनी से लेकर एटा चुंगी और एटा चुंगी से धनीपुर मंडी तक के हिस्से का मार्ग पीडब्ल्यूडी का है। इस मार्ग पर 2019-20 में डिवाइडर बनाने का प्रस्ताव बना था। 11 मई 2018 को पीडब्ल्यूडी की ओर से एडीए को एनओसी जारी की गई। एनओसी के समय मार्ग 7 मीटर चौड़ा था। इसको 14 मीटर चौड़ा करते हुए बीच में एक मीटर चौड़ाई का डिवाइडर बनाना था, जिससे कि दोनों ओर करीब 6.5-6.5 मीटर चौड़ाई रह जाए। मगर, इसका चौड़ीकरण किए बिना ही डिवाइडर बना दिए गए। इसको लेकर लोक निर्माण विभाग दो साल से पत्राचार कर रहा है। मगर, एडीए सुध नहीं ले रहा है।
अधिशासी अभियंता निर्माण खंड-प्रथम जेजी पांडेय की ओर से अब फिर से पत्र जारी किया है। इसमें कड़े शब्दों में कहा गया है कि इस लापरवाही की वजह से मार्ग पर यातायात सुचारु रूप से संचालित नहीं हो पा रहा है। इसके साथ ही यहां हादसों की प्रबल संभावना रहती है। एक समय में एक ही वाहन मार्ग पर चल पा रहा है। मार्ग भी खराब हो रहा है। इस संबंध में अनेकों बार पत्राचार किया गया है। इसके बाद भी कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा रही है। अगर, तत्काल प्रभाव से इस पर कार्रवाई नहीं की गई तो विभाग द्वारा एनओसी को छीन लिया जाएगा।
यह हैं मानक
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता निर्माण खंड-प्रथम जेजी पांडेय ने बताया कि इंडियन रोड कांग्रेस की गाइडलाइन के मुताबिक जब भी किसी मार्ग पर डिवाइडर बनाए जाते हैं, तो नियम है कि डिवाइडर के दोनों ओर सात-सात मीटर चौड़ा मार्ग होना चाहिए। बिना रोड चौड़ीकरण के डिवाइडर का निर्माण नहीं कराया जा सकता है। एडीए को इसी मानक के आधार पर डिवाइडर बनाने की शर्त पर एनओसी जारी की गई थी।
हालात ए मार्ग
एडीए की ओर से मार्ग के जिस हिस्से में डिवाइडर बनाए गए हैं, वह सात मीटर चौड़ा था। एक मीटर चौड़ाई का डिवाइडर एडीए की ओर से बनाया गया। अब वहां दोनों ओर मात्र 3-3 मीटर चौड़ी रोड ही रह गई है। इसके चलते मार्ग से एक साथ दो वाहनों के गुजरने की गुंजाइश तो छोड़िए ट्रक और बस भी फुटपाथ से होकर गुजरती हैं।
डिवाइडर बनाने के दौरान रोड चौड़ीकरण का काम बजट के अभाव में नहीं हो सका है। जैसे ही बजट का इंतजाम होगा, तो तत्काल प्रभाव से रोड चौड़ीकरण का काम किया जाएगा।
- डीएस भदौरिया, एक्सईएन, एडीए