शहर के रामघाट रोड अवंतिका फेज प्रथम व द्वितीय आगरा रोड-पला रोड, बृज बिहार योजना, स्वर्ण जयंती नगर विस्तार योजना, खैर बाईपास शांति निकेतन योजना, बरौला जाफराबाद महात्मा बुद्ध योजना व एलमपुर के 175 फ्लैट्स चिह्नित किए गए है। पहले आओ और पहले पाओ नीति के हिसाब ने अल्प आय और दुर्बल लोगों को आवास आवंटित किया जाएगा। बोर्ड की बैठक में कीमतों में वृद्धि नहीं करने का फैसला लिया गया है। 2024-25 की कीमतों के आधार पर फ्लैट्स बेचे जाएंगे।
बरौला जाफराबाद में 4.41 हेक्टेयर में बनेंगे रेजिडेंशियल व कमर्शियल आवास
बरौला जाफराबाद में 4.40 हेक्टेयर भूमि एडीए के पास उपलब्ध रहा है। इसके पास अन्य जमीन को लेकर नगर निगम बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव भी पास हो चुका है। इस खाली जमीन पर एडीए ने 275 फ्लैट्स बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए स्थानीय बिल्डर्स और और फर्म को जिम्मेदारी दी जा सकती है। यहां पर एडीए रेजिडेंशियल व कमर्शियल आवास बनाएगा। इसके मानचित्र को नियमानुसार संशोधित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।
पैसा देकर फंसे आवंटियों को फ्लैट्स बनाकर देगा एडीए
अलीगढ़ में स्वर्ण जयंती नगर विस्तारीकरण योजना 2004 में शुरू हुई थी। इसमें करीब 170 आवंटियों का पैसा एडीए में जमा करने के बाद फंस गया था। मामला कोर्ट में चले जाने के कारण इन्हें भूमि आवंटित होने के बाद कब्जा नहीं दिलाया जा सके। ये लोग 20 साल से भूमि के लिए एडीए का चक्कर काट रहे हैं। वीसी कुलदीप मीणा ने इन आवंटियों से बातचीत कर फ्लैट्स बनाकर देने की बात कही है। इसमें से 100 आवंटियों ने सहमति प्रदान कर दी। बोर्ड की बैठक में इन आवंटियों को फ्लैट्स देने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई।
87वीं बोर्ड बैठक में श्री टीकाराम चैरिटेबल फैमिली ट्रस्ट के ग्राम औरंगाबाद व ग्राम धनीपुर के गाटा का भू-उपयोग परिवर्तन प्रस्ताव रखा गया था। इसमें पूर्व में 45 दिन का समय आपत्तियों के निस्तारण के लिए दिया गया था। इसके बाद भी आपत्तियों का निराकरण नहीं करने पर कमिश्नर ने प्रस्ताव निरस्त कर दिया। श्रीमती जयदेवी विद्यालय समिति नौरंगाबाद के मानचित्र स्वीकृति संबंध में भी 18-जी का प्रपत्र नहीं मिलने पर निरस्त कर दिया गया। यही नहीं 88वीं बोर्ड की बैठक में नगर निगम परिसर में मल्टीलेवल कार पार्किंग का प्रस्ताव रखा गया। इसके लिए 1000 वर्ग मीटर भूमि की आवश्यकता थी। शासन द्वारा लॉक म्यूजियम के प्रस्ताव को स्थान बदलने के कारण इसे होल्ड पर रख दिया है।
राहुल बिल्डर्स का बकाया होगा वापस
राहुल बिल्डर्स को 2014 अवस्थापना निधि से करीब 24 लाख रुपये का कार्य दिया गया था। इसे तत्कालीन वीसी ने 29 लाख के कार्य को बढ़ा कर मंजूरी प्रदान कर दी थी। एडीए ने राहुल बिल्डर्स का करीब 17 लाख रुपये का भुगतान रोक दिया था। 2022 में एडीए ने इसे श्रमदान घोषित कर दिया था लेकिन शासन ने इस मामले में बोर्ड में सहमति का निर्देश दिया था। इसे बोर्ड ने पास कर दिया है।
पहले के अवैध भवनों को राहत
नए नियमों से उन भवनों को राहत मिलेगी जो पहले ध्वस्तीकरण के कगार पर रहे। अब सेट बैक नियमों का पालन कर और निर्धारित शुल्क जमा कर ऐसे भवनों को वैध किया जा सकेगा। प्राधिकरण ने शमन आवेदनों के तेजी से निपटारे के लिए एक विशेष सेल भी गठित की है।