एक माननीय के ‘आशीर्वाद’ और बंदूकों से लैस ठेकेदारों की सबसे चर्चित लॉबी ने अपनी चिरपरिचित हरकतों से बुधवार को एडीए की टेंडर प्रक्रिया को 7 अक्तूबर तक स्थगित करा दिया है।
बड़े छोटे तकरीबन 50 विकास कार्यों के लिए अलीगढ़ विकास प्राधिकरण में बुधवार को टेंडर मिलने शुरू हुए थे। सुबह 11 बजे ही एक माननीय के बेहद करीबी और उनके साथ आए दर्जन भर से अधिक समर्थकों ने टेंडर किसी और को न देने के लिए पूरे परिसर को बंदूकों से ‘कैप्चर’ कर लिया।
सफेद कॉलर वाले इन ठेकेदारों के साथ कमर से लेकर कंधे और हाथों तक कई असलहे थे। सभी टेंडर जारी करने वाले कक्ष के इर्दगिर्द घेरा बना कर खड़े हो गये। लीडरशिप संभाल रहे माननीय के करीबी एक अफसर के पास ही कुर्सी खिसका कर उसमें धंस गये। अचानक हुए इस घटनाक्रम से दहशतजदा बाबू और स्टाफ अपने कक्षों से एक एक कर बाहर चले गए।
टेंडर लेने पहुंचे दीगर ठेकेदारों से साफ साफ कह दिया गया कि टेंडर नहीं मिलेंगे.. चुपचाप खिसक लो..।
दूसरे दलों से जुड़े हुए रसूखदार ठेकेदारों की लॉबी भी इस बीच सक्रिय हो गई क्योंकि टेंडर 20 करोड़ रुपये के थे। इन ठेकेदारों ने भी अपने समर्थक बंदूकधारियों को बुला लिया। इन्हीं ठेकेदारों में से किसी ने 100 नंबर डायल कर पुलिस को सूचना दी कि एडीए में टेंडर को लेकर तनाव हो गया है। थोड़ी ही देर में क्वार्सी थाने से दो दरोगा पुलिसकर्मियों के साथ पहुंचे।
पुलिस ने टेंडर कक्ष को घेर कर खड़े बंदूकधारियों के लाइसेंस चेक करना शुरू कर दिया। सरकारी दफ्तर में इस तरह से बंदूक लेकर अफरातफरी मचाने पर भी आपत्ति जताई। कहासुनी हुई तो माननीय के ‘करीबी’ ने पुलिस पर रौब गांठते हुए दरोगा से कहा कि कहो तो सीओ से बात करूं..।
ये सुनकर पुलिस कर्मी कुछ दबाव में आए लेकिन दूसरे ठेकेदारों का दबाव भी पड़ा तो पुलिस वापस एक्शन में आई। वहां से कुछ लोगों को हटाया गया। परिसर में तकरीबन चार घंटे तक जबरदस्त गहमागहमी का माहौल रहा।
वीसी नरेंद्र कुमार पालीवाल ने ये सब कुछ देख कर अफसोस जताते हुए टेंडर प्रक्रिया को फि लहाल 7 अक्तूबर तक के लिए स्थगित कर दिया है।
गौर हो कि वीसी नरेंद्र कुमार पॉलीवाल आने वाली 30 सितंबर को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। अब संभवत: नये वीसी की देखरेख में नये सिरे से टेंडर प्रक्रिया होगी।