भगवान राम किसी एक धर्म के नहीं, बल्कि भारतीय आस्था के प्रतीक हैं। अयोध्या विवाद में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का दोनों वर्गों ने सम्मान कर सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश की है। इससे देश में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। यह बातें सोमवार को माहेश्वरी क्रिएटिव क्लब के अधिष्ठापन समारोह में पहुंचे अरुण गोविल ने पत्रकार वार्ता में कहीं। गोविल ने रामानंद सागर के प्रसिद्ध हिंदी धारावाहिक रामायण में राम का किरदार निभाया था।
अरुण गोविल ने बताया कि राम ने पारिवारिक व सामाजिक रिश्तों को निभाना सिखाया है और यह रिश्ते क्या किसी एक धर्म को ही निभाने चाहिए। ऐसा नहीं है, रिश्ते निभाने के लिए हर समाज को पहल करनी चाहिए। इसलिए राम हिंदू धर्म के नहीं, बल्कि भारतीय आस्था का केंद्र हैं। अयोध्या पर आया फैसला ऐतिहासिक है। सुप्रीम कोर्ट ने वर्षों से चले आ रहे विवाद से अब भारत को छुटकारा दे दिया है।
मौजूदा इंटरनेट सामग्री पर कहा कि आजकल माता-पिता ने बच्चों में संस्कार देना कम कर दिया है। हालांकि बच्चे आजकल होशियार हैं, ऐसे में अच्छे संस्कार व हमारी संस्कृति का विस्तार करेंगे। सभी भौतिक सुख के लिए पीछे भाग रहे हैं, लेकिन शास्त्रों में सुख की अलग ही व्याख्या की गई है। इस मौके पर धारावाहिक भाबी जी घर पर हैं के लेखक मनोज संतोषी, माहेश्वरी क्रिएटिव क्लब के संरक्षक संजय माहेश्वरी, समृद्धि टाउनशिप के डायरेक्टर सुमित सराफ आदि मौजूद रहे।
जल्द फिर पर्दे पर दिख सकते हैं गोविल
प्रेसवार्ता में बॉलीवुड के लिरिक्स राइटर व प्रोड्यूसर साजन अग्रवाल भी मौजूद थे। जब अरुण गोविल से पूछा गया कि भविष्य में वह क्या किसी रूप में पर्दे पर नजर आ सकते हैं। इस पर साजन अग्रवाल ने बताया कि अरुण गोविल ने राम का किरदार निभाया है। इसलिए अन्य किसी किरदार में अच्छे नहीं लगेंगे, लेकिन फिर भी वह प्रयास कर रहे हैं कि राम से प्रेरित किसी चरित्र की कहानी लेकर आएंगे। जिसमें अरुण गोविल जी फिट बैठ सकें। इस पर अरुण गोविल ने जवाब दिया कि प्रशंसक चाहेंगे तो जरूर पर्दे पर दिखाई देंगे। प्रेसवार्ता के बाद अरुण गोविल रामघाट पर मनोज संतोषी द्वारा आयोजित माता की चौकी में पहुंचे।
ताला भेंट करने पर मांगी तिजोरी
माहेश्वरी क्रिएटिव क्लब की ओर से अरुण गोविल को अलीगढ़ का ताला भेंट किया गया। इस दौरान अरुण गोविल ने कहा कि भई ताला क्यों दे रहे हो। तिजोरी तो दी नहीं। पहले तिजोरी दो, फिर ताला दो। तभी तो ताले का कोई औचित्य बन पाएगा।
इस पर सभागार में मौजूद सभी लोग ठहाके लगाते रहे। इस मौके पर अध्यक्ष राजीव माहेश्वरी, मनीष मोहता, रीतेश भूतड़ा, दीपक माहेश्वरी, कमल माहेश्वरी, प्रवीन माहेश्वरी, राज सक्सेना, देविका माहेश्वरी, अनीता माहेश्वरी, रितिका माहेश्वरी, विवेक शर्मा आदि मौजूद रहे।
अलीगढ़ के हैं अरुण गोविल के माता-पिता
पत्रकार वार्ता में अरुण गोविल ने बताया कि उनके माता-पिता की पैदाइश अलीगढ़ ही हैं। खैर तहसील के सुजानपुर में पिता ने जन्म लिया था, जबकि माता का गांव जहांगीरपुर बताया। उन्होंने बताया कि बचपन में कई बार अलीगढ़ आए थे, लेकिन वह यादें धुंधली हो चुकी हैं।