चार अलग-अलग वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। यह वीडियो 15, 14, 11 व 05 सेकेंड के थे। हालांकि वीडियो में कोई भी वर्दी में नहीं दिख रहा था जिससे पहचान आसानी के साथ हो सके। लेकिन यह पुलिस अधिकारी भी मान रहे थे कि वीडियो सासनीगेट थाने की चौकी खिरनीगेट का है। पुलिस चौकी की बैरक में चारपाई पर बैठ कर शराब पी जा रही थी। एक शख्स बनियान में ही था। उस वक्त अधिकारियों ने कहा था कि वीडियो छह महीने पुराना है। इसकी जांच चल रही है। वीडियो में दिख रहे दरोगा और सिपाहियों की पहचान कराई जा रही है। अब 11 दिसंबर को एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि दरोगा धर्मेंद्र कुमार को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
जबकि पुलिस वालों की पहचान कराई जा रही है। लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब पुलिस अधिकारी कह रहे हैं कि वीडियो छह माह पुराना है तो कार्रवाई में इतना विलंब क्यों। क्या इतनी सुस्त है पुलिस की पड़ताल कि पुलिस वालों ने शराब पी या नहीं यह जानने में ही पूरे छह महीने लग गए। एसपी सिटी ने बताया कि क्योंकि यह वीडियो पहले भी सामने आया था, इसकी जांच दी गई थी।लेकिन संबंधित अधिकारी का तबादला होने के कारण जांच पूरी नहीं हो सकी थी। अब दोबारा से जांच हो रही है।