ग्रेटर अलीगढ़ परियोजना को नए उत्तर प्रदेश के नए शहर की परिकल्पना से जोड़ा गया है। जहां बेहतर सड़क नेटवर्क, हरित क्षेत्र, आधुनिक आवासीय सुविधाएं, वाणिज्यिक केंद्र, शिक्षा एवं स्वास्थ्य संस्थान होंगे।
ग्रेटर अलीगढ़ आवासीय एवं व्यावसायिक टाउनशिप परियोजना आगे बढ़ रही है। इसके लिए कुल 335 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है, जिसमें 216 हेक्टेयर भूमि का बैनामा पूर्ण कर लिया गया है। इसका राजस्व अभिलेखों में नामांतरण करने के साथ ही पैमाइश भी कर ली गई है। शेष 119 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है।
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एडीए सचिव दीपाली भार्गव ने बताया है कि इसके लिए भू-स्वामियों से आपसी सहमति के आधार पर बैनामा कराया जा रहा है। यह परियोजना मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत अलीगढ़-पलवल हाईवे पर बसाई जा रही है। इसमें अटलपुर, अहमदाबाद, जिरौली डोर, मूसेपुर, रुस्तमपुर अखन, जतनपुर चिकावटी एवं ल्हौसरा विसावन गांवों की जमीन शामिल है। परियोजना का उद्देश्य अलीगढ़ को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित एवं निवेश-अनुकूल शहर के रूप में विकसित करना है।
सचिव ने कहा है कि ग्रेटर अलीगढ़ परियोजना को नए उत्तर प्रदेश के नए शहर की परिकल्पना से जोड़ा गया है। जहां बेहतर सड़क नेटवर्क, हरित क्षेत्र, आधुनिक आवासीय सुविधाएं, वाणिज्यिक केंद्र, शिक्षा एवं स्वास्थ्य संस्थान होंगे। जमीन लेने के लिए किसानों के हितों की पूर्ण सुरक्षा की जा रही है। वर्तमान में जिन भू-भागों पर क्रय प्रक्रिया शेष है, वहां किसान निर्बाध रूप से कृषि कार्य कर रहे हैं।