उड़ान सोसाइटी के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र मिश्रा व परिजनों के साथ शहर के प्रधान डाकघर में आधार कार्ड ब?
चंडौस के रामपुर-शाहपुर निवासी एसिड अटैक पीड़िता गुलशाना को अभी राहत राशि मिलना तो वह अभी अपनी पहचान के लिए दर-दर भटक रही है। लेकिन प्रशासन इस मामले में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है। पुलिस ने भी पीड़िता की फाइल ऑनलाइन अपलोड नहीं की है। मंगलवार को उड़ान सोसाइटी पीड़िता का आधार कार्ड बनवाने के लिए प्रधान डाकघर पहुंची। लेकिन पीड़िता के पास अपनी पहचान से संबंधित कोई दस्तावेज न होने के चलते आधार कार्ड बनाने से मना कर दिया गया। अब ग्राम प्रधान के सहयोग आधार कार्ड बनवाया जाएगा।
17 फरवरी को रामपुर शाहपुर निवासी गुलशाना पर आपसी रंजिश में रिश्तेदारों ने एसिड अटैक किया था। जिससे गुलशाना 40 प्रतिशत के झुलस गई। गुलशाना की एक आंख भी खराब हो गई है। पुलिस की लापरवाही का आलम यह है कि गुलशाना की फाइल ऑनलाइन अपलोड ही नहीं की गई है। डीपीओ के मुताबिक पुलिस विभाग फाइल को अपलोड करेगा। उसके बाद पीड़िता का मेडिकल होगा। तब जाकर पीड़िता की फाइल लखनऊ अनुमोदन के लिए भेजी जाएगी। यह सारा कार्य ऑनलाइन होगा।
प्रशासन की लेटलतीफी के चलते गुलशान की राहत राशि तो अभी बहुत दूर है। उड़ान सोसाइटी के निदेशक ज्ञानेंद्र मिश्रा व उनकी सदस्या गुलशाना को लेकर डाकघर पहुंचे। यहां गुलशाना पर कोई भी दस्तावेज न होने के चलते आधार कार्ड के लिए आवेदन नहीं हो पाया। वहां से कहा गया कि प्रधान से फोटो प्रमाणित पत्र बनवाकर तहसीलदार से एक पत्र जारी करवाएं। इसके आधार पर ही गुलशाना आधार कार्ड के लिए आवेदन कर पाएगी। ज्ञानेंद्र मिश्रा ने बताया कि गुलशाना का आधार कार्ड जल्द बनवाएंगे।