चंडौस थाना क्षेत्र के रामपुर शाहपुर गांव निवासी गुलशाना (16) पुत्री अहमद हसन पर हुए तेजाब हमले का मामला राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गया है। हमले में झुलसी किशोरी की खबर पाकर एसिड अटैक सर्वाइवर्स के लिए काम करने वाली दिल्ली की संस्था छांव फाउंडेशन ने उसके परिजनों को उपचार कराने से लेकर इस मामले में कानूनी मदद देने और किशोरी को रोजगार देने तक का आश्वासन दिया है। साथ ही संस्था हमले में झुलसे किशोरी के चेहरे की प्लास्टिक सर्जरी भी कराएगी। किशोरी को आगरा या लखनऊ में संचालित संस्था के कैफे शीरोज हैंगआउट में रख पुनर्वास कराया जाएगा। इस सिलसिले में संस्था की ओर से राज्य सरकार को आर्थिक मदद के लिए पत्रावली भी भेज दी है।
छांव फाउंडेशन के रीच आउट डिपार्टमेंट के प्रभारी दुर्गा प्रसाद शुक्ला ने बताया कि उन्हें सोमवार को किशोरी पर तेजाब से हमला होने की सूचना मिली थी। सूचना पर उसके परिजनों से संपर्क किया गया है। परिजनों को उपचार से लेकर विधिक मदद तक उपलब्ध कराई जाएगी। किशोरी का चेहरा भी हमले में झुलसा है। उसकी प्लास्टिक सर्जरी कराई जाएगी। इसके साथ ही सर्वाइवर की इच्छा होने पर उसे पढ़ाया-लिखाया भी जाएगा। साथ ही उसे शीरोज हैंगआउट कैफे में पुनर्वास के लिए रखा जाएगा। हमारी संस्था के लखनऊ स्थित कैफे में अलीगढ़ की एक अन्य एसिड अटैक सर्वाइवर भी रह रही है।
रिश्तेदारों ने किया था हमला
गुलशाना रविवार को अपने भाई अरमान खां के साथ बाइक पर सवार होकर गांव जा रहे थए। गांव के पास पहुंचते ही नाबालिग भाई-बहन पर रिश्तेदारों ने आपसी रंजिश में तेजाब से हमला किया था। हमले में दोनों बच्चे बुरी तरह झुलस गए थे। बच्चों ने हमलावरों की पहचान कर ली थी। पुलिस ने हमलावरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार 2015 में गुलशाना के पिता पर अपनी बड़ी बेटी की देवरानी की हत्या का आरोप लगा था।
इस मामले में वह जेल में बंद है। दोनों बच्चे पिता से जेल में मिलाई करके लौट रहे थे। हमलावरों में 2015 में हुई हत्या की मृतका रुकसाना निवासी गांव उस्मानपुर, खुर्जा देहात के भाई अरशद, असरफ और मां चमन बेगम निवासी वैर, ककोड़, गौतमबुद्ध नगर शामिल हैं।