आचार्य भरत तिवारी को उनके घर पर किया नजरबंद।
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर जितेंद्र कुमार की गिरफ्तारी न होने का मुद्दा तूल पकड़ रहा है। उन पर कक्षा में देवी-देवताओं को लेकर अपमान जनक पाठ पढ़ाने का आरोप है। प्रोफेसर की गिरफ्तारी न होने पर एएमयू के बाब-ए-सैयद पर धरने का एलान करने वाले राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के आचार्य भरत को रविवार को नजरबंद रखा गया और बाब-ए-सैयद पर पुलिस बल तैनात रखा गया। इस दौरान आचार्य भरत के सहयोगियों को भी पुलिस निगरानी में रखा गया।
राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के संगठन मंत्री आचार्य भरत शनिवार को सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने वहां प्रोफेसर जितेंद्र की गिरफ्तारी न होने पर एएमयू के बाहर धरने की अनुमति मांगी। सीओ ने अनुमति देने से इंकार कर दिया। इस पर उन्होंने अकेले धरने की अनुमति मांगी तो अनुमति नहीं मिली। इधर, देर रात से ही भरत की टीम पुलिस की निगरानी में रही। आचार्य भरत रात में किसी शादी समारोह में रहे और अपने घर नहीं पहुंचे। इस पर रात में ही पुलिस ने उनका घर निगरानी में ले लिया था। सुबह जैसे ही भरत अपने जलालपुर लोधा स्थित घर पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें वहीं नजरबंद कर लिया। इसके अलावा, उनकी टीम के कुछ अन्य सदस्यों को भी दिन भर निगरानी में रखा गया।
शाम तक आचार्य भरत के घर पुलिस रही। इसके बाद उन्हें आश्वासन देकर चली गई। आचार्य भरत का कहना है कि पुलिस अधिकारियों की ओर से प्रोफेसर की गिरफ्तारी का आश्वासन मिला है। अगर गिरफ्तारी नहीं हुई तो दो-तीन दिन के इंतजार के बाद फिर धरने की योजना तैयार की जाएगी। बता दें कि प्रोफेसर के खिलाफ दर्ज मुकदमे की पुलिस विवेचना कर रही है और यह मुकदमा गिरफ्तारी की धाराओं का नहीं है। पुलिस का कहना है कि अगर विवेचना में प्रोफेसर ने सहयोग नहीं किया तो गिरफ्तारी की जाएगी। एएमयू ने प्रोफेसर को निलंबित कर रखा है।