दुकानों पर लगे अनिश्चितकालीन बंद के बैनर।
- फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
महानगर के अतिसंवेदनशील मदार गेट चौराहे से सटे अचल रोड पर रविवार देर रात बिना अनुमति देवी जागरण रोके जाने पर पैदा हुए घटनाक्रम में इलाका पुलिस की लापरवाही मानी गई है। इसके आधार पर एसएसपी लव कुमार ने सख्त रुख अपनाते हुए बृहस्पतिवार देर रात एसओ गांधीपार्क संजय पांडेय व अचलताल चौकी इंचार्ज अविनाश दुबे को लाइन हाजिर कर दिया है। हालांकि उनके स्थान पर नई तैनाती नहीं की गई है। मगर यह कार्रवाई सीओ द्वितीय सोमदत्त की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
इस प्रकरण में पहले ही दिन यह सवाल उठा था कि जब पुलिस से अनुमति संबंधी आवेदन पर आयोजन के पक्ष में आख्या देने से मना कर दिया था, तो रविवार को शाम से ही आयोजन स्थल पर मंच सजने की तैयारियां क्यों नहीं रोकी गईं। उस दिन दुपहर से ही वहां सामान आने लगा था। बिजली की झालरें आदि टांगी जाने लगी थीं और प्रचार बैनर भी लगे हुए थे। इसके बाद भी आयोजकों को रोका नहीं गया और शाम मंच सजकर तैयार हो गया। हालांकि इन सवालों पर उसी समय इलाका पुलिस ने तर्क दिया था कि चेतावनी देने के बाद चौकी इंचार्ज आर्य समाज मंदिर के कार्यक्रम में चले गए। इसी बीच मंच सजा दिया गया। मगर इन सवालों का सही जवाब जानने के लिए एसएसपी ने सीओ द्वितीय को जांच रिपोर्ट सौंपी थी। इस जांच रिपोर्ट के आने से पहले बृहस्पतिवार दुपहर को ही भाजपाइयों के प्रतिनिधि मंडल ने भी एसएसपी मुलाकात में यही बात रखी। अगर पुलिस दिन में ही सख्ती से मना कर देती तो शायद आयोजन न होता और शाम को इना विवाद खड़ा न होता। इधर, देर शाम इस संबंध में सीओ स्तर से मिली जांच रिपोर्ट के अध्ययन के आधार पर एसएसपी ने चौकी इंचार्ज और थाना प्रभारी की लापरवाही मानते हुए दोनों को लाइन हाजिर कर दिया है।
इस मामले में पहले ही दिन से यह बड़ा सवाल था कि इतनी बड़ी तैयारी हो गई और इलाका पुलिस ने रोका नहीं। इसे लेकर जांच कराई गई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों को लाइन हाजिर कर दिया है। अभी नई तैनाती नहीं की गई है। रहा सवाल मुकदमे का और दूसरे पक्ष के लोगों द्वारा विवाद पैदा करने का तो इसके लिए जांच जारी है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई होगी। चाहे वह किसी भी पक्ष का क्यों न हो।
- लव कुमार, एसएसपी