पिता के मोबाइल नंबर पर व्हॉट्सअप कॉल आई। जिसकी डीपी में इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी का फोटो लगा था। फोन करने वाले ने धमकाते हुए कहा कि तुम्हारा बेटा जो लाइब्रेरी चलाता है, वह चार दिन पहले बाहर घूमने गया था। जहां उसने अपने दोस्तों के साथ एक युवती संग दुष्कर्म किया है।
पुलिस प्रशासन लगातार साइबर अपराध पर लगाम कसने के लिए जनता को जागरूक कर रहा है। वहीं साइबर ठग हर दिन नये पैंतरे आजमा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला कस्बे में लाइब्रेरी संचालक के पिता के साथ हुआ। एक ठग ने व्हाॅट्सएप काल कर उनके बेटे को दुष्कर्म का आरोपी बता कर दो लाख रुपये ट्रांसफर करने को कहा। समय रहते सतर्कता बरतने से उनके साथ बड़ी ठगी होने से बच गई।
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दरबर निवासी सौरभ चौधरी कस्बे में लाइब्रेरी संचालित करते हैं, उनके पिता योगेन्द्र सिंह रोडवेज के अलीगढ डिपो में सेवारत हैं। 23 मई को सौरभ लाइब्रेरी पर थे, पिता डिपो में कार्य कर रहे थे। सौरभ ने बताया कि सुबह करीब साढे ग्यारह बजे उनके पिता के मोबाइल नंबर पर व्हॉट्सअप कॉल आई। जिसकी डीपी में इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी का फोटो लगा था। फोन करने वाले ने धमकाते हुए कहा कि तुम्हारा बेटा जो लाइब्रेरी चलाता है, वह चार दिन पहले बाहर घूमने गया था। जहां उसने अपने दोस्तों के साथ एक युवती संग दुष्कर्म किया है।
पुलिस सौरभ सहित उसके चार दोस्तों को लाइब्रेरी से पकड़ लाई है। अगर उसे बचाना है तो फौरन दो लाख रुपये ट्रांसफर कर दो, उसे छोड़ दिया जाएगा। हद तो तब हो गई जब साइबर ठग ने योगेन्द्र सिंह को झांसे में लेने के लिए रोते हुए बचाने की गुहार लगाते फर्जी सौरभ बने किसी व्यक्ति से बात भी करा दी।
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सौरभ कुछ दिन पहले बाहर घूमने गए थे, यह बात पिता को पता थी। सूचना को सुनकर योगेंद्र सिंह घबरा गए और ठग की बातों का विश्वास कर लिया। अपने छोटे भाई प्रदीप सिंह को फोन कर पूरी घटना बताई और रकम का इंतजाम करने के लिए कहा। प्रदीप सिंह ने तत्काल सौरभ को फोन किया तो मामला खुल गया। इसके बाद योगेंद्र सिंह की जान में जान आई।