सिविल सर्विसेज परीक्षाओं की तैयारी कराने वाली एक संस्था की शिक्षिका के साथ 2017 में हुए दुष्कर्म के मामले में शनिवार को एडीजे-17 मनोज कुमार सिद्धू की अदालत ने मुख्य आरोपी को दस साल और उसके सहयोगी को पांच साल कैद की सजा सुनाई है। दोनों पर जुर्माना लगाया गया है। जुर्माने में से बतौर हर्जाना 60 हजार रुपये पीड़ित को देने का आदेश दिया है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी रामकुमार गुप्ता के मुताबिक दिल्ली की एक कोचिंग संस्था में प्रतियोगी छात्रों की तैयारी कराने वाली कानपुर निवासी एक शादीशुदा शिक्षिका 10 जुलाई 2017 को बुलंदशहर स्थित संस्था की ब्रांच में छात्रों की क्लास लेने को कानपुर से आ रही थीं।
यह बात उनके पारिवारिक परिचित आशीष उपाध्याय निवासी बैलोन, नरौर, बुलंदशहर, जो कि हाल में एटा चुंगी, गांधी पार्क पर रहता है, उसे हो गई। आशीष ने शिक्षिका को फोन कर अलीगढ़ में उतरने को कहा। साथ ही बुलंदशहर तक कार से छोड़ने का आश्वासन दिया। इस पर महिला यहां उतर गई।
आरोप है कि आशीष शिक्षिका को लेकर एटा चुंगी में रहने वाले अपने दोस्त सचिन निवासी अरनौट, सिंकदराराऊ, हाथरस के कमरे पर ले गया। वहां नशीली कोल्डड्रिंक पिलाकर आशीष ने शिक्षिका से दुष्कर्म कर वीडियो बना ली। महिला को होश आने पर भगा दिया।
इसके कुछ दिन बाद आरोपी महिला को फोन कर वीडियो वायरल करने की धमकी देकर दोबारा मिलने का दबाव बनाने लगा। महिला ने पूरा वाकया पति को बताया। दंपती आरोपी सचिन और आशीष से मिलने एटा चुंगी पहुंचे तो दोनों ने फिर से महिला से छेड़खानी कर पति को पीट दिया। इस पर दंपती ने थाना गांधी पार्क में आरोपी आशीष और उसके सहयोगी सचिन पर मुकदमा दर्ज कराया था।
मामले में सत्र परीक्षण के दौरान अदालत ने आरोपियों को दोषी करार देते हुए आशीष को दस साल की कैद और 65 हजार का जुर्माना और उसके सहयोगी सचिन को पांच साल कैद और 15 हजार रुपये जुर्माना अदा करने का आदेश दिया है। पीड़ित को जुर्माने से बतौर हर्जाना 60 हजार रुपये दिए जाएंगे।