कैदी के फरार होने के बारे में जानकारी देते पुलिस अधिकारी
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पत्नी की हत्या के आरोप में जेल में निरुद्ध बंदी सोमवार दोपहर को जेल से दीवानी में पेशी के दौरान आते समय दीवानी हवालात से फरार हो गया। हैरानी की बात यह रही कि वह कब गायब हो गया, किसी को भनक तक नहीं लगी। जब बंदियों को पेशी पर ले जाने के लिए अभियुक्तों की गिनती हुई तो एक आरोपी कम होने पर उसके फरार होने का भेद खुला। खबर अधिकारियों तक पहुंची तो दीवानी में भगदड़ का माहौल बन गया। घंटों तक पुलिस उसकी खोज में लगी रही। मगर कहीं सुराग नहीं लगा। फिलहाल घटना के संबंध में हवालात ड्यूटी पर लगे आधा दर्जन पुलिसकर्मियों सहित फरार बंदी के खिलाफ सिविल लाइंस में पुलिस लाइन के आरआई की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं आरोपी पुलिसकर्मियों का निलंबन तय माना जा रहा है।
मूल रूप से बुलंदशहर के पहासू क्षेत्र के गांव अटेरना निवासी 55 वर्षीय रहीस पुत्र सुबराती की ससुराल क्वार्सी के शहंशाहबाद गली नंबर 6 में है। उसका 45 वर्षीय पत्नी नूरजहां से विवाद था, जिसके चलते पत्नी यहां मायके आकर रहने लगी थी। इसी विवाद में 19/20 जुलाई 2015 की रात करीब 12 बजे उसने अपनी ससुराल आकर पत्नी नूरजहां की छेनी हथोड़ों से काटकर हत्या कर दी थी। इस पर क्वार्सी पुलिस ने 20 जुलाई को उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और इसके साले सफीक ने हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। तभी से वह जेल में निरुद्ध था। इन दिनों उसके मुकदमे का ट्रायल एडीजे न्यायालय में चल रहा था। इसी मुकदमे के ट्रायल के लिए सोमवार को उसे जेल से पेशी पर दीवानी लाया गया। नियमानुसार उसे पेशी से पहले अन्य बंदियों की तरह दीवानी हवालात में दाखिल कर दिया।
जब दोपहर करीब 12 बजे पेशी पर ले जाने के लिए बंदियों की गिनती शुरू हुई तो एक बंदी कम होने पर स्टाफ हक्का-बक्का रह गया। पड़ताल में रहीस नहीं मिला तो काफी देर तक पुलिस कर्मी उसे खोजते रहे। जब वह कहीं नहीं मिला तो घंटों बाद अधिकारियों को सूचना दी गई। इस सूचना पर एसपी सिटी अभिषेक, सीओ तृतीय अनिल समानिया, इंस्पेक्टर अमित कुमार आदि वहां पहुंच गए। अधिकारियों ने मौके पर जांच पड़ताल के बाद जेल से भी जानकारी ली। साथ ही रहीस की तलाश में पुलिस टीमों को दौड़ाया गया। मगर उसका कहीं सुराग नहीं लगा। इस मामले में आरआई की ओर से रहीस के अलावा हवालात ड्यूटी इंचार्ज एचसीपी श्रीनिवास के अलावा हेड कांस्टेबल चरन सिंह, रामवकील व सिपाही हितेंद्र, राहुल और मोहित के खिलाफ सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं सीओ स्तर से लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट एसएसपी को भेजी गई है, जिस पर देर रात तक निलंबन तय माना जा रहा है।
इस मामले में प्रथम दृष्टया यह पाया गया है कि अभियुक्त को जेल से दीवानी हवालात में दाखिल कर दिया गया था। इसके बाद वह गायब हो गया, मगर स्टाफ द्वारा समय से अधिकारियों को सूचना नहीं दी गई। इसलिए उनकी लापरवाही है। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। अभियुक्त की तलाश में तीन टीमों को लगाया गया है।
-अभिषेक, एसपी सिटी