गांव दौरऊ निवासी एक परिवार का आरोप है कि उनके 30 साल पुराने इंदिरा आवास को दबाव बनाकर खाली कराने का लेखपाल द्वारा प्रयास किया जा रहा है। कहा कि आवास जबरन खाली कराया गया तो परिवार आत्महत्या कर लेगा।
गांव निवासी चंद्रवती पत्नी मदनलाल के अनुसार 30 वर्ष पहले 35 गज में इंदिरा आवास बनाया गया था। बाद में उनके पुत्र छोटेलाल के नाम से करीब 20 वर्ष पहले 35 गज में प्रधानमंत्री आवास बना। उनका पूरा परिवार इन्हीं आवासों में रहता है। एक माह से लेखपाल उनके इंदिरा आवास और प्रधानमंत्री आवास की जगह को सरकारी बताकर आवास खाली करने का दबाव बना रहे है। उनके परिवार के पास दूसरा मकान नहीं है। कहा कि ग्राम प्रधान से लेकर एसडीएम गभाना तक प्रार्थना पत्र दे चुकी हैं।
वहीं एसडीएम हीरालाल सैनी के अनुसार अभी इस तरह का प्रार्थना पत्र नहीं मिला है। प्रार्थना पत्र मिलने पर जांच कराकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं ग्राम प्रधान गुड्डी देवी का कहना है कि आबादी की जमीन पर ही आवास बने हैं। लेखपाल बेवजह सरकारी जमीन बताकर इस परिवार को परेशान कर रहे हैं। वहीं लेखपाल विनोद कुमार का कहना है कि किसी को घर खाली करने के लिए नहीं कहा। उन पर निराधार आरोप लगाया जा रहा है।