मुसाफिरों के लिए एसी बसों में ठंडे पानी की बोतल की तो व्यवस्था हो गई है, लेकिन आइस बाक्स के गर्म पानी से बोतलें ठंडी नहीं हो रही हैं। यही नहीं जिन बसों में बर्फ दी जा रही है वहां भी मनमानी है। केवल ढाई किलो बर्फ में 108 पानी की बोतलों को ठंडा कैसे किया जा सकता है। यही नहीं एक स्टाप निकलने के बाद पानी की बोतल मिलती है।
नाराज मुसाफिर अगर सवाल करें तो कंडक्टर बदतमीजी करने से भी गुरेज नहीं करते। ये हालात तब हैं जब टिकट में पानी की ठंडी बोतल का पैसा पहले से ही जुड़ा है। लगातार इसकी शिकायत होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। रोडवेज मुख्यालय ने निर्देश जारी किए हैं कि यात्रियों को एसी बसों में नि:शुल्क ठंडा पानी दिया जाए।
निर्देश के कई माह गुजरने के बाद यात्रियों को पानी तो दिया गया, लेकिन उसे ठंडा करने के कोई बंदोबस्त बस में नहीं किए गए। किसी तरह से आइस बाक्स कुछ बसों में रखवा दिए, लेकिन उनमें बर्फ की जगह पानी रहता है। अगर बर्फ भी दी गई तो केवल नाममात्र के लिए। ऐसे में यात्रियों को ठंडा पानी देने की विभागीय अफसरों की बात बेईमानी सिद्ध हो रही है।
‘मैंने आगरा से लौटते वक्त परिचालक से पानी की बोतल मांगी थी, गर्म बोतल दी गई। एसी बस में गर्म पानी का क्या फायदा है..? इसकी जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए।
ठा. राजेंद्र कुमार, छिपैटी
‘नोएडा से आते समय अलीगढ़ जिले की सीमा में घुसने के बाद पानी मिला था। परिचालक यात्रियों से पूछ रहा था कि किसी को पानी तो नहीं चाहिए। जिन लोगों को पता था कि बस में पानी नि:शुल्क दिया जा रहा है, उन लोगों ने तो बोतल ले ली। लेकिन जिन लोगाें को पता नहीं था, उन्होंने पानी लेने से इंकार कर दिया।’
राजू, स्टेशन रोड
‘एसी बसों में पानी देने वालों को आइस बाक्स में बर्फ डालने के निर्देश हैं। अगर ठंडा पानी नहीं मिल रहा है बसों को बीच में रुकवा कर जांच की जाएगी। देर से पानी देने की शिकायत पर कार्रवाई होगी।’ मुनेंद्र पाल सिंह, अलीगढ़ डिपो प्रभारी