एएमयू को ‘मुख्य धारा’ में शामिल कराने की तैयारीनगेश शर्माअलीगढ़। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आनुषांगिक संगठनों ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति’ के तहत ‘मुख्य धारा’ में शामिल करने की तैयारी की है। कॉमन एंट्रेंस टेस्ट, ओबीसी, एसटी आरक्षण की व्यवस्था समेत कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चिट्ठा तैयार कर मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेजा गया है। इसी के तहत जून माह में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की केंद्रीय टीम ने एएमयू का गोपनीय दौरा कर कैंपस की व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। उधर, संघ की शैक्षणिक संस्था विद्या भारती ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के मौजूदा स्वरूप में बदलाव की मांग को लेकर विद्यार्थी परिषद लंबे समय से प्रयासरत है। भाजपा की पिछली अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में भी एएमयू काफी चर्चाओं में रहा था, जिसका बड़ा कारण तत्कालीन केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री मुरली मनोहर जोशी को एएमयू में न घुसने देना भी था। अब चूंकि नरेंद्र मोदी सरकार शिक्षा नीति में बदलाव करने का मन बना रही है ऐसे में संघ के आनुषांगिक संगठन एएमयू के स्वरूप में बदलाव के लिए पूरी तरह सक्रिय हैं। सूत्रों के अनुसार विद्यार्थी परिषद और विद्या भारती ने जो प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे हैं उनमें सप्ताह में 36 घंटे शैक्षणिक कार्य, शिक्षकों की उपस्थिति के लिए बायो मैट्रिक प्रणाली, ओबीसी, एससी, एसटी आरक्षण, कॉमन एंट्रेंस टेस्ट को प्रमुखता से रखा गया है। एएमयू में होने वाली नियुक्तियों को लेकर भी भेदभाव के आरोप लगाए जाते रहे हैं। नियुक्ति प्रक्रिया पारदर्शी बने इसका प्रस्ताव भी रखा है। इसी के तहत 12 जून को एबीवीपी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील आंबेकर ने राष्ट्रीय एवं स्थानीय पदाधिकारियों के साथ एएमयू का दौरा किया था, जिसे पूरी तरह गोपनीय रखा गया।