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Aligarh News: फरार एएमयू छात्र शहबाज निलंबित, दोस्त ऑडी सहित गिरफ्तार

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गिरफ्तार आसिफ इदरीश।  - फोटो : samvad
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एफएम टावर के पास फायरिंग व एएमयू के सर जियाद्दीन हॉल में मैग्जीन-कारतूस, नकली नोट और फर्जी दस्तावेज रखने का आरोपी एएमयू छात्र शहबाज व उसका साथी मो. आकिल अभी पुलिस को नहीं मिले हैं। मगर शहबाज की तलाश के दौरान उसकी भागने में मदद करने वाला हमराज दोस्त एएमयू का पूर्व छात्र ऑडी सहित पकड़ा गया, जिसे पुलिस ने शुक्रवार को जेल भेज दिया। पुलिस की टीम शहबाज व आकिल को तलाश कर रही हैं। उधर, एएमयू प्रशासन ने शहबाज को निलंबित कर दिया है। प्रॉक्टर प्रो. नवेद खां ने निलंबन की पुष्टि करते हुए बताया कि उसके अन्य साथियों की भूमिका को लेकर जांच चल रही है।
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सोमवार रात में एफएम टॉवर के पास झगड़ा व फायरिंग की घटना में एएमयू छात्र सहित तीन आरोपियों को जेल भेजने के साथ पुलिस ने सीसीटीवी से शहंशाहबाद के शहबाज उर्फ छोटू की पहचान की। पता चला कि वह एएमयू एमसीए द्वितीय वर्ष का छात्र है और सर जियाउद्दीन हॉल के जफर अहमद सिद्दीकी हॉस्टल के कमरा नंबर जैड-34 में अवैध रूप से रह रहा है। इस पर बुधवार को पुलिस ने जब वहां दबिश दी तो मैग्जीन-कारतूस, नकली नोटों के अलावा शहबाज के नाम से फर्जी दस्तावेज व बरेली के भोजपुरी धौर्रा टांडा के मो. आकिल के नाम के आधार-पैनकार्ड, पासपोर्ट, मूल निवास प्रमाण पत्र व हाईस्कूल-इंटर के दस्तावेज के अलावा मुरादाबाद के मुदस्सिर का लैपटॉप भी मिला। हालांकि वह तीनों मौके से फरार हो गए। पुलिस ने तीनों पर सिविल लाइंस में एफआईआर दर्ज कर तलाश शुरू की। इसी तलाश में बृहस्पतिवार को मुदस्सिर व शहबाज का बेहद करीबी दोस्त लोको कालोनी भमोला सिविल लाइंस आसिफ इदरीश मिल गया।


एसपी सिटी आदित्य बंसल के अनुसार आसिफ ने शहबाज को हॉस्टल से निकालकर शहर से भगाने में मदद थी। इसी जानकारी पर उसे दबोचा गया। उससे पूछताछ में उजागर हुआ है कि शहबाज उसका गहरा दोस्त है। वह उसके आपराधिक षड्यंत्रों में शामिल रहा था। शहबाज हथियार-कारतूस आदि लाता था। इसके लिए आसिफ उसे धन व अन्य सुविधाएं आदि मुहैया कराता था। मगर वह तस्करी के संबंध में कोई जानकारी नहीं दे पाया। आसिफ पूर्व में एएमयू का छात्र रहा है और अब शमशाद इलाके में फॉरेंन लैंग्वेज की कोचिंग चलाता है। बच्चों को पढ़ने के लिए बाहर भी भेजता है। उसके पास से दो मोबाइल व शहबाज को भगाने में प्रयुक्त एक ऑडी कार भी मिली है। सीओ के अनुसार आसिफ को सिविल लाइंस में दर्ज एफआईआर में हथियार-नोटों की तस्करी की साजिश व सहयोग करने आदि के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। वहीं शहबाज व आकिल की तलाश जारी है।
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आसिफ पर सीएए-एनआरसी विरोधी उपद्रव सहित दो अपराध पहले से दर्ज
पुलिस रिकार्ड के अनुसार आसिफ पर दो अपराध पहले से दर्ज हैं। जिनमें एक अपराध वर्ष 2019 दिसंबर में हुए सीएए-एनआरसी विरोधी उपद्रव के दौरान दर्ज हुआ था। वहीं दूसरा अपराध भी दिसंबर 2016 में दर्ज हुआ था।
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मुदस्सिर के विषय में नहीं मिल रहा कोई साक्ष्य
जिस कमरे में शहबाज रहता था। उसी कमरे में मुरादाबाद के छात्र मुदस्सिर का एक लैपटॉप भी मिला था। इसी आधार पर पुलिस ने एफआईआर में मुदस्सिर को भी आरोपी बनाया था। मगर लैपटॉप की जांच से लेकर हॉस्टल में पूछताछ व साक्ष्यों के आधार पर उजागर हुआ है कि मुदस्सिर का अपना अलग कमरा है। वह कभी कभार शहबाज के कमरे में उठने बैठने चला जाता था। उस दिन भी वह लैपटॉप लेकर किसी काम से गया था। वहां उसकी कुछ किताबें भी रखी थीं। मगर पुलिस के डर से शहबाज के साथ भाग गया था। उसका शहबाज या अन्य किसी के अपराध से कोई सीधा नाता अभी तक उजागर नहीं हुआ है। इसलिए अभी उससे पूछताछ व साक्ष्यों को लेकर जांच चल रही है। उसका इस अपराध में कोई सीधा नाता सामने नहीं आ रहा है।

एजेंसियों ने भी की दोनों से गहरी पूछताछ
इस मामले में सक्रिय हुईं एजेंसियों ने भी जेल भेजे गए शहबाज के दोस्त आसिफ व एएमयू के दूसरे छात्र मुदस्सिर से पूछताछ की है। वहीं अब पुलिस की टीमें शहबाज व आकिल की तलाश में जुटी हैं। उसी के बाद यह उजागर होगा कि आखिर तस्करी नेटवर्क के तार कहां से जुड़े हैं। एजेंसियों को भी इस मामले में दोनों के पकड़े जाने का इंतजार है।

फायरिंग के आरोपी एएमयू छात्र शहबाज से जुड़े मामले में उसके मददगार दोस्त को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। दूसरे साथी के विषय में अभी तक कोई आपराधिक कृत्य सामने नहीं आया है। दोनों फरारों की तलाश जारी है। उनके पकड़े जाने पर काफी कुछ तस्वीर साफ होगी।
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- नीरज जादौन, एसएसपी
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