हत्या से पहले जुगनू खुद बचने के लिए 50 मीटर तक भागा था। इस बात की गवाही गली में बिखरे खून ने दी। हालांकि, आरोपी देर रात तक यह नहीं बता पाए कि किस हथियार से उन्होंने वार किया। प्रेम सिंह यही कहता रहा कि अंदर वह गाली दे रहा था। इसलिए झगड़ा शुरू हुआ। बाहर आकर मारपीट में किसी तरह चोट लगने पर वह गिर गया।
आंबेडकर पार्क के बाहर घटनास्थल व प्रेम सिंह के घर से लेकर गली में अंदर जुगनू के मकान की दूरी 50 मीटर है। जब पुलिस व फील्ड यूनिट वहां पहुंची तो प्रेम सिंह के मकान के बाहर से लेकर अंदर जुगनू के मकान तक खून बिखरा हुआ था। इससे यह माना गया कि जुगनू के पहला हमला प्रेम सिंह के मकान पर ही हो गया था। पूछताछ में प्रेम सिंह ने स्वीकारा कि दोनों साथ खाना खाने गए थे। जिनके परिवार में तेरहवीं थी, वह जुगनू के खानदारी रिश्तेदार हैं। वहां वह नशे में था। बेवजह गाली दे रहा था। जब मना किया तो बहस करते हुए थप्पड़बाजी हो गई। इसके बाद बाहर आने पर दोनों में झगड़ा हुआ।
मजदूरी करता था जुगनू
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि जुगनू तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। जुगनू एक बेटे का पिता था। वह मजदूरी करता था। उसकी हत्या की खबर पर परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी, भाई व अन्य परिजन देर रात मेडिकल कॉलेज में थे। कुछ लोगों को थाने तहरीर देने के लिए बुलाया गया था। इस घटना के बाद पुलिस जब पहुंची तो आयोजन से लेकर मोहल्ले तक के लोगों ने चुप्पी साध ली।