अलीगढ़ रेलवे जंक्शन स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या तीन चार के मध्य 6 दिसंबर को एक किशोर ने झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस ट्रेन के आगे लेटकर आत्महत्या कर ली। किशोर ने इस दौरान अपनी गर्दन पटरी पर रख दी, जिससे उसका धड़ अलग हो गया। एक हाथ पर लिखे मिले दो मोबाइल नंबर से उसकी पहचान हो सकी। किशोर घर से दिल्ली जाने के लिए निकला था। किशोर ने यह कदम क्यों उठाया ? इस मामले में परिजन पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं।
घटनाक्रम सुबह करीब दस बजे का है। जीआरपी के प्रभारी निरीक्षक संदीप तोमर ने बताया कि रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 3- 4 पर टूंडला एंड पर एक किशोर ट्रेन के इंतजार में खड़ा हुआ था। सुबह करीब 10 बजे जैसे ही गाड़ी संख्या 12817 झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस ट्रेन पहुंची तभी वह रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया और अपनी गर्दन पटरी पर रख दी। ट्रेन गुजरने से उसका धड़ अलग हाे गया। ट्रेन निकलने पर इसका पता चला। इस पर लाेग एकत्रित हाे गए।
आरपीएफ व जीआरपी माैके पर पहुंची और शव की पहचान करने की कोशिश की, लेकिन पहचान नहीं हो सकी। तलाशी में जेब से अलीगढ़ से नई दिल्ली तक का जनरल कोच का एक टिकट मिला। इसके अलावा कोई पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं मिला। हालांकि हाथ पर दो मोबाइल नंबर जरूर लिखें मिले। जिन पर कई बार संपर्क करने के बाद में परिजनों से दोपहर बाद बातचीत हो सकी। फिर परिजनों ने शाम के वक्त पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर किशोर की पहचान कर ली।
जीआरपी प्रभारी निरीक्षक संदीप तोमर के अनुसार किशोर की पहचान बुलंदशहर छतारी के मोहल्ला शिवपुरी के 17 वर्षीय रोहित पुत्र नत्थू लाल के रूप में हुई। नत्थू लाल की छतारी में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की दुकान है। रोहित दो भाईयों में सबसे बड़ा था। उन्होंने बताया कि रोहित ने यह कदम क्यों उठाया इस बारे में परिजन किसी भी जानकारी से इंकार कर रहे हैं।