यह प्रोसेसिंग प्लांट डिजाइन-बिल्ड-ऑपरेट मॉडल पर 25 वर्ष तक चलेगा। इससे शहर में डोर-टू-डोर कचरा संग्रह के बाद कहीं भी डंपिंग की जरूरत नहीं पड़ेगी। पूरे कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण होगा। दोनों प्लांट शुरू होने के बाद महानगर वास्तव में कचरा-मुक्त और स्वच्छ शहर की श्रेणी में शामिल हो सकेगा।-प्रेम प्रकाश मीणा, नगर आयुक्त
पंद्रह महीने में खत्म होगा कूड़े का पहाड़, प्लांट शुरू
लंबे समय से मथुरा रोड एटूजेड प्लांट पर जमा लगभग 11 लाख मीट्रिक टन कूड़े के पहाड़ का निस्तारण 9 दिसंबर से शुरू हो गया है। नगर निगम का दावा है कि 15 माह में पुराने कचरे का निस्तारण वैज्ञानिक तकनीक से कर दिया जाएगा। इस प्लांट पर प्रतिदिन 4000-5000 मीट्रिक टन कचरे की प्रोसेसिंग होगी।
महापौर प्रशांत सिंघल और नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने पूजा-अर्चना और फीता काट कर शुभारंभ किया। नोएडा की कंपनी इको स्टैन इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। कंपनी ने हाई-स्पीड किलमैन मशीन लगाई है, जिसकी क्षमता 100 टन प्रति घंटा है। ट्रायल में मशीन ने 50 टन प्रति घंटा की रफ्तार दिखाई। निस्तारण के बाद उत्पन्न आरडीएफ, वेस्ट-टू-एनर्जी सामग्री को सीमेंट फैक्टरियों, प्लास्टर एवं पेपर मिलों में सप्लाई किया जाएगा। कंपनी हर दिन शहर से निकलने वाले 700 टन नए ठोस कचरे की डिजाइन-बिल्ड-ऑपरेट आधार पर 25 वर्ष तक वैज्ञानिक रूप से निस्तारण करेगी।