अलीगढ़ में क्वार्सी क्षेत्र के निजी अस्पताल में एक विचित्र बच्चे ने जन्म लिया है। बताते हैं कि तीन करोड़ प्रसव के दौरान ऐसे विचित्र बच्चे जन्म लेते हैं। ऐसे बच्चे के जीवित रहने के आसार कम रहते हैं।
हिंदुस्तान में अलीगढ़ से पूर्व दिल्ली के कस्तूरबा हॉस्पिटल में ऐसा विचित्र बच्चा पैदा हुआ था। एबीसी a12 जींस के कारण ऐसे बच्चे पैदा होते हैं। इसमें बच्चों की खाल मछली की तरह हो जाती है। सरवाइव करना मुश्किल होता है।
हॉस्पिटल के डॉक्टर संजय भार्गव और उनकी डॉक्टर पत्नी मणि भार्गव ने बताया की यह बीमारी बेबी हार्लीक क्रीम इथयोलिस कहलाती है। ऐसी बीमारी तीन करोड़ प्रसव के बाद सामने आती है। इसमें बच्चों की स्किन मछली की स्किन की तरह हो जाती है। ऐसे बच्चे जन्म के बाद बच नहीं पाते हैं।
जानकारी के अनुसार शहर के विष्णुपुरी स्थित वरुण हॉस्पिटल में अजीब शक्ल वाली बच्ची का जन्म हुआ है। नवजात को देखकर चिकित्सक और हॉस्पिटल के स्टॉफ ही नहीं, परिजन भी हतप्रभ हैं। चिकित्सक का कहना है कि नवजात हार्लेक्विन इक्थियोसिस से ग्रसित है। दुनिया में इस तरह के चंद मामले ही अब तक सामने आए हैं।
कासगंज के गंजडुंडवारा निवासी 35 वर्षीय महिला को अधिक रक्तस्राव होने पर शुक्रवार शाम को विष्णुपुरी स्थित वरुण हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। महिला को पहले से एक बच्चा है। उसके बाद कई बार महिला का गर्भपात हो चुका है। इस बार एहतियातन तमाम टेस्ट हुए थे। शनिवार को जांच करने पर पता चला कि बच्चे की धड़कन ठीक नहीं है।
इसके बाद परिवार की सहमति से ऑपरेशन के बाद बच्चे का जन्म हुआ। अजीबोगरीब नवजात देखते ही डॉक्टर से लेकर वहां मौजूद स्टाफ चौंक गए। बच्ची सामान्य नवजात से बिल्कुल अलग है। उसकी आंखें काफी बड़ी हैं। आंखों का रंग सुर्ख लाल है। शरीर का रंग भी अलग है। त्वचा ऐसी है, जैसे चाकू से काट दी गई हो। मुंह बड़ा सा खुल रहा है।